(MSME Entrepreneurs) ने सरकार द्वारा हाल ही में की गई श्रमिक वेतन वृद्धि और अन्य आर्थिक बोझों पर अपनी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की
Greater noida: औद्योगिक नगरी Greater noida के प्रेस क्लब में शुक्रवार को विभिन्न औद्योगिक संगठनों की एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस वार्ता में क्षेत्र के MSME उद्यमियों (MSME Entrepreneurs) ने सरकार द्वारा हाल ही में की गई श्रमिक वेतन वृद्धि और अन्य आर्थिक बोझों पर अपनी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। उद्यमियों का स्पष्ट कहना है कि यदि सरकार ने उद्योगों को करों या सब्सिडी में राहत नहीं दी, तो आने वाले समय में इकाइयों का संचालन करना नामुमकिन हो जाएगा।
वेतन वृद्धि को बताया एकतरफा निर्णय
प्रेस वार्ता के दौरान वक्ताओं ने साझा किया कि पिछले दिनों गौतमबुद्धनगर के औद्योगिक क्षेत्रों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं। इन घटनाओं के बाद उत्पन्न हुए असंतोष को शांत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वेतन और ओवरटाइम में वृद्धि का निर्णय लिया। MSME उद्यमियों (MSME Entrepreneurs) का आरोप है कि सरकार ने यह फैसला एकतरफा लिया है। इससे उद्योगों की कार्यक्षमता और आर्थिक स्थिति (Viability) पर सीधा और गंभीर प्रहार हुआ है।
अनुशासन की जगह उदंडता का डर
उद्यमियों ने चेतावनी दी कि जिस तरह से दबाव में आकर वेतन वृद्धि की गई है, उससे औद्योगिक माहौल में अनुशासन की जगह उदंडता को बढ़ावा मिलने का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि बढ़े हुए खर्चों के बीच उद्योगों को चलाना बेहद चुनौतीपूर्ण है। यदि इस आर्थिक बोझ को किसी तरह वहन भी कर लिया जाए, तो भी वैश्विक बाजार की प्रतिस्पर्धा में टिके रहना कठिन होगा।
सरकार से की आर्थिक सहयोग की मांग
सभी औद्योगिक संगठनों ने एक स्वर में मांग की कि सरकार को उद्योगों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए। MSME उद्यमियों (MSME Entrepreneurs) ने मांग की है कि उन्हें करों (Taxes) में छूट, बिजली दरों में राहत या विशेष सब्सिडी प्रदान की जाए। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में बिना उद्यमियों की सहमति के कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ उन पर न डाला जाए।
निरीक्षणों पर रोक लगाने की अपील
एक और महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए उद्यमियों ने कहा कि वर्तमान में विभिन्न सरकारी विभाग नए निर्देशों के नाम पर लगातार निरीक्षण (Inspection) कर रहे हैं, जिससे उद्योगपतियों में भय और परेशानी का माहौल है। उन्होंने मांग की कि कम से कम अगले दो महीनों तक ऐसे सभी निरीक्षणों पर रोक लगाई जाए, ताकि उद्योग इस कठिन आर्थिक स्थिति से उबर सकें और अपना ध्यान उत्पादन पर केंद्रित कर सकें।

प्रमुख संगठनों की रही मौजूदगी
इस प्रेस वार्ता में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के चेयरमैन सरबजीत सिंह, जे.एस. राणा, और अमित शर्मा सहित कई दिग्गज मौजूद रहे। इसके अलावा इंडियन इंटरप्रेन्योर एसोसिएशन से संजीव शर्मा और पुष्पेंद्र तिवारी, इंडियन बिजनेस एसोसिएशन (IBA) से खुशबू, लघु उद्योग भारती से नरेश गुप्ता और संजय बत्रा तथा इकोटेक-12 एसोसिएशन से साहिल समेत 40 से अधिक प्रमुख उद्यमियों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
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