Share Trading में मुनाफे का झांसा देकर साढ़े 17 लाख रुपये ठगे

Share Trading में मोटे मुनाफे का लालच देकर 17.41 लाख रुपये की ठगी

Ghaziabad, साइबर अपराधियों Share Trading में मोटे मुनाफे का लालच देकर वसुंधरा निवासी एक व्यक्ति से 17.41 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने निवेश की रकम और मुनाफावापस मांगा तो आरोपी टालमटोल करने लगे।

बाद में नंबर बंद होने पर ठगी का अहसास हुआ तो तोपीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। वसुंधरा सेक्टर 2-सी में रहने वाले ऋतू बंसल ने पुलिसको दी शिकायत में बताया कि उन्होंने पहले से कुछ शेयरों में निवेश कर रखा था और ऑनलाइन ट्रेडिंगसे संबंधित जानकारी भी लेते रहते थे। इसी दौरान नौ मार्च को उन्हें एक व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया।ग्रुप में शेयर बाजार और ट्रेडिंग से संबंधित सलाह दी जाती थी। ग्रुप में मौजूद लोग खुद को विशेषज्ञनिवेशक और कंपनी प्रतिनिधि बता रहे थे।पीड़ित के मुताबिक ग्रुप की एडमिन टीना मल्होत्रा नाम की महिला ने उनसे निजी तौर पर संपर्क किया।उसने दावा किया कि उसकी कंपनी के माध्यम से निवेश करने पर कम समय में अच्छा रिटर्न मिलेगा।

Share Trading में मुनाफे का झांसा देकर साढ़े 17 लाख रुपये ठगे
Share Trading में मुनाफे का झांसा देकर साढ़े 17 लाख रुपये ठगे

बातचीत के दौरान उसने कई लोगों को भारी मुनाफा होने के स्क्रीनशॉट और ट्रेडिंग रिपोर्ट भी दिखाई।इससे उन्हें उस पर विश्वास हो गया। इसके बाद महिला ने उन्हें दूसरे व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया, जहांशेयर खरीदने और Share Trading से संबंधित टिप्स दी जाती थीं। साथ ही एक Share Trading प्लेटफॉर्म पर खाताखुलवाया गया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा और मजबूत किया गया। आरोपीलगातार उन्हें अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित करते रहे।ऋतु बंसल के मुताबिक पांच अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच कई बार में अलग-अलग बैंक खातों औरयूपीआई आईडी में कुल 17.41 लाख रुपये हस्तांतरित कराए गए।

आरोपियों ने कहा था कि रकम निवेशहोते ही बड़ा लाभ मिलेगा और कुछ ही दिनों में मोटा रिटर्न खाते में आ जाएगा। जब उन्होंने अपनेनिवेश और लाभ की रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने तकनीकी दिक्कत, टैक्स औरप्रोसेसिंग शुल्क जैसी बातें कहकर उन्हें टालना शुरू कर दिया। बाद में उनसे और रकम जमा कराने कादबाव बनाया गया। शक होने पर उन्होंने अपने रुपए वापस मांगे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछसमय बाद व्हाट्सऐप नंबर और अन्य संपर्क माध्यम बंद हो गए। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी काएहसास हुआ।

तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगों तक पहुंचाने का प्रयास…

ठगी के संबंध ने उन्होंने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसकेबाद साइबर क्राइम थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बतायाकि मामले में 16 मई को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई हैउन्हें फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खातों औरडिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी खंगाली जा रही है।

साइबर टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार परआरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

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