NEET पेपर लीक के खिलाफ मैहर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, मशाल जुलूस निकाल कर केंद्र सरकार को घेरा

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NEET पेपर लीक के खिलाफ मैहर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन, मशाल जुलूस निकाल कर केंद्र सरकार को घेरा

 मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छिड़ा विवाद अब छोटे शहरों और कस्बों तक पहुंच चुका है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश के नवनिर्मित मैहर जिले में विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरने का फैसला किया है। जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार की परीक्षा प्रणाली के खिलाफ एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।

जिला अध्यक्ष धर्मेश घई के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और पीड़ित छात्र-अभिभावक भी शामिल हुए। आंदोलनकारियों का साफ तौर पर कहना है कि जब तक इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक उनका यह आंदोलन थमेगा नहीं।

इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने वर्तमान परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। जिला अध्यक्ष ने कहा कि NEET जैसी देश की सबसे प्रतिष्ठित और संवेदनशील मेडिकल प्रवेश परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ियां सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्र सरकार देश के लाखों होनहार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना था

कि देश के सुदूर इलाकों से आकर छात्र दिन-रात मेहनत करते हैं और उनके माता-पिता अपनी गाढ़ी कमाई उनकी पढ़ाई में लगा देते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। इस घटना ने देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को दांव पर लगा दिया है।

मशाल जुलूस के दौरान मैहर की सड़कों पर भारी आक्रोश देखने को मिला। शाम के समय जैसे ही कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में जलती हुई मशालें लेकर सड़कों पर उतरे, पूरा माहौल सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारी लगातार शिक्षा मंत्रालय और केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे।

जुलूस के दौरान सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की भारी तैनाती की गई थी ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए जुलूस के मार्ग पर पैनी नजर रखी, जिसके चलते प्रदर्शन उग्र होने के बावजूद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

कांग्रेस नेताओं ने इस मौके पर एक मांग पत्र भी सामने रखा, जिसमें केंद्र सरकार से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की गई है। कांग्रेस की मुख्य मांग है कि इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई जाए ताकि सच सामने आ सके।

इसके साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की जवाबदेही तय की जाए और भविष्य के लिए एक ऐसी पारदर्शी प्रणाली विकसित की जाए जिसे कोई भी भेद न सके। विपक्ष का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा और इसे ब्लॉक स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक फैलाया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थानीय छात्रों और उनके अभिभावकों में भी भारी निराशा और चिंता का माहौल है। मैहर के कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक और परीक्षाओं के निरस्त होने से उनका मानसिक मनोबल टूट जाता है।

अभिभावकों ने भी सरकार से गुहार लगाई है कि राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों के हित में फैसला लिया जाए। बहरहाल, मैहर में हुआ यह मशाल जुलूस इस बात का संकेत है कि NEET परीक्षा का विवाद अब केवल अदालतों या बड़े महानगरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह आम जनता के बीच एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन चुका है।

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