सीएनजी के दाम बढ़ने पर बसों का सफर महंगा होगा

नोएडा,  सीएनजी की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से रोडवेज बसों का किराया
और ऑटो-टैक्सी का भाड़ा बढ़ना तय माना जा रहा है। जानकारों के मुताबिक सीएनजी महंगी होने से
सार्वजनिक परिवहन का संचालन खर्च अत्यधिक बढ़ गया है, इसका सीधा बोझ आम यात्रियों की जेब पर
पड़ना तय है।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में करीब एक माह पहले कुछ रूट पर रोडवेज बसों का किराया बढ़ा था। एक
अप्रैल से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर टोल दरों में बढ़ोतरी की
थी। इसके बाद रोडवेज बसों के किराए में एक रुपये से छह रुपये तक की वृद्धि हुई थी। नोएडा और
ग्रेटर नोएडा में 305 बसें हैं। इसमें नोएडा डिपो की 188 बसें शामिल हैं। दोनों डिपो की सभी बसें
साधारण और सीएनजी से चलने वाली हैं। यहां पर डीजल बसें नहीं हैं। सीएनजी महंगी होने के कारण
बसों के किराए में वृद्धि हो सकती है।
नोएडा डिपो की वित्तीय स्थिति
नोएडा डिपो से मिली जानकारी के मुताबिक सीएनजी के दाम बढ़ने से एक माह में लगभग 15 लाख
रुपये का घाटा बसों से मिलने वाले राजस्व में होगा। नोएडा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोहताश
कुमार ने कहा कि बसों के किराए में वृद्धि का फैसला मुख्यालय स्तर पर किया जाता है। बसों में
सीएनजी की खपत अधिक है और इसमें वृद्धि के राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है। मुख्यालय स्तर पर
यदि किराया बढ़ाया जाएगा, तो उसे बिना विलंब लागू कर दिया जाएगा।
ऑटो किराए में संभावित वृद्धि
वहीं, ऑटो का किराया भी बढ़ सकता है। करीब एक माह पहले ऑटो चालकों ने मनमाने तरीके से
किराए में वृद्धि कर दी थी। न्यूनतम किराए को दस रुपये से बढ़ाकर 20 रुपये तक दिया था। सीएनजी
के दाम बढ़ने के बाद एक बार फिर से किराए में वृद्धि संभावित है। नोएडा सीएनजी ऑटो रिक्शा रिक्शा
चालक यूनियन के अध्यक्ष चौधरी ओमप्रकाश गुर्जर ने कहा कि ऑटो का न्यूनतम किराया दस रुपये ही
लिया जा रहा है। यदि कोई चालक दस रुपये के स्थान पर 20 रुपये लेता है, तो गलत है। उन्होंने कहा
कि सीएनजी के बढ़ते दाम पर नजर रखी जा रही है। 15 से 18 दिन तक निगरानी की जाएगी। यदि
दाम में और अधिक वृद्धि हुई तो ऑटो के किराए में वृद्धि कर दी जाएगी।
बसों में यात्रियों की संख्या कम हुई
नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिप की बसों में यात्रियों की संख्या कम हुई है। नोएडा डिपो के सहायक क्षेत्रीय
प्रबंधक रोहताश कुमार ने कहा कि रविवार को लगभग 47 हजार यात्रियों ने दोनों डिपो की बसों में सफर
किया था। शनिवार को यह संख्या 44 हजार थी। उन्होंने कहा कि गर्मी की छुट्टियां शुरू हो गई है। ऐसे
में यात्रियों की संख्या रोजाना 50 हजार से अधिक होनी चाहिए।

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