गलगोटिया विश्वविद्यालय (Galgotias University) ने शुरू किया 10 करोड़ का इनोवेशन फंड (Innovation Fund), स्टार्टअप्स (Startups) को मिलेगा बड़ा सहयोग

गलगोटिया विश्वविद्यालय (Galgotias University)

Greater noida (UN News):* गलगोटिया विश्वविद्यालय(Galgotias University) ने युवा उद्यमियों (Entrepreneurs) और स्टार्टअप कल्चर (Startup Culture) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है। विश्वविद्यालय ने ‘गलगोटिया इनोवेशन फंड’ (Galgotias Innovation Fund – GIF) की शुरुआत की है, जिसके तहत 10 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इस फंड (Fund) का मुख्य उद्देश्य उभरते हुए और बेहतर भविष्य वाले स्टार्टअप्स (Startups) की पहचान करना, उन्हें आवश्यक सहयोग देना और बाजार में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना है।

यह नया फंड विश्वविद्यालय के पहले से मौजूद व्यापक इनोवेशन इकोसिस्टम (Innovation Ecosystem) को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। विश्वविद्यालय परिसर (Campus) में छात्रों और उद्यमियों के लिए कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें इंडस्ट्री आधारित सेंटर (Industry-based Centers), इन्क्यूबेशन सहायता (Incubation Support), मेंटरशिप (Mentorship) और कॉर्पोरेट साझेदारी (Corporate Partnership) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रोटोटाइपिंग (Prototyping), आधुनिक हार्डवेयर (Modern Hardware) और विशेष प्रयोगशालाओं (Specialized Labs) की व्यवस्था भी की गई है ताकि आइडिया को वास्तविकता में बदला जा सके।

गलगोटिया विश्वविद्यालय (Galgotias University) ने शुरू किया 10 करोड़ का इनोवेशन फंड (Innovation Fund), स्टार्टअप्स (Startups) को मिलेगा बड़ा सहयोग
गलगोटिया विश्वविद्यालय (Galgotias University) ने शुरू किया 10 करोड़ का इनोवेशन फंड (Innovation Fund), स्टार्टअप्स (Startups) को मिलेगा बड़ा सहयोग

विश्वविद्यालय का स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) पहले से ही काफी सक्रिय है। गलगोटिया इन्क्यूबेशन सेंटर फॉर रिसर्च इनोवेशन स्टार्टअप्स एंड एंटरप्रेन्योर्स (GICRISE) अब तक 135 स्टार्टअप्स (Startups) को अपना सहयोग दे चुका है। इनमें से 30 स्टार्टअप्स (Startups) वर्तमान में राजस्व (Revenue) कमा रहे हैं, जो विश्वविद्यालय के इन्नोवेशन मॉडल (Innovation Model) की सफलता को प्रमाणित करता है।

विश्वविद्यालय ने तकनीकी विकास के लिए कई विशेष केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं:
* सुपरकंप्यूटिंग एवं एडवांस्ड एआई रिसर्च (Supercomputing and Advanced AI Research)।
* सेमीकंडक्टर रिसर्च और ड्रोन इंटेलिजेंस (Semiconductor Research and Drone Intelligence)।
* इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और एम्बेडेड सिस्टम्स (Electric Mobility and Embedded Systems)।
* डेटा एनालिटिक्स और थ्रीडी प्रिंटिंग (Data Analytics and 3D Printing)।

इन केंद्रों के अलावा एचपी (HP), इंटेल (Intel), सिस्को (Cisco), टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies) और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों के सहयोग से आधुनिक प्रयोगशालाएं (Laboratories) भी विकसित की गई हैं। यह पूरी व्यवस्था संस्थापकों (Founders) को तकनीकी परीक्षण (Technical Testing) और पायलट लॉन्च (Pilot Launch) में मदद करती है।

जीआईएफ (GIF) के तहत जिन स्टार्टअप्स का चयन किया जाएगा, उन्हें केवल पूंजी निवेश (Capital Investment) ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञता (Expertise) भी दी जाएगी। इसमें फैकल्टी विशेषज्ञता, मार्केट रणनीति (Market Strategy), निवेशकों (Investors) से संपर्क और ग्राहकों (Customers) को जोड़ने में मदद शामिल है। यह फंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), हेल्थ टेक्नोलॉजी (Health Tech), फिनटेक (Fintech), और रोबोटिक्स (Robotics) जैसे विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को सहयोग प्रदान करेगा।


विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer) ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि इनोवेशन (Innovation) तब तेजी से बढ़ता है जब प्रतिभा (Talent), तकनीक (Technology) और पूंजी (Capital) एक साथ काम करें। उन्होंने बताया कि यह फंड छात्रों के आइडिया (Ideas) को सफल उद्यमों (Enterprises) में बदलने की यात्रा को गति देने के लिए बनाया गया है।

वहीं, शिफ्ट्ज (Shiftz) के संस्थापक (Founder) रचित माथुर ने इस पहल को दूरदर्शी बताया और कहा कि युवा संस्थापकों के लिए समय पर फंडिंग (Funding) और मार्गदर्शन (Guidance) ही सफलता का सबसे बड़ा आधार बनती है। गलगोटिया विश्वविद्यालय लगातार अपनी व्यावहारिक शिक्षा (Practical Education) और उद्योग सहभागिता (Industry Engagement) के माध्यम से नवाचार को प्राथमिकता दे रहा है।

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