IHGF Delhi Fair – Spring 2026: तीसरे दिन भी कारोबार चरम पर

IHGF Delhi Fair

IHGF Delhi Fair – Spring 2026: तीसरे दिन भी कारोबार चरम पर

ग्रेटर नोएडा, 16 फरवरी 2026। (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित 61वाँ आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026, India Expo Centre and Mart में पूरे उत्साह और मजबूत खरीदार आवागमन के साथ जारी है। 14 से 18 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में 3000 से अधिक प्रदर्शक, 900 स्थायी शोरूम, थीम प्रेज़ेंटेशन और अनेक सहायक सुविधाएँ इसे वैश्विक सोर्सिंग का बड़ा केंद्र बना रही हैं।

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ईयू–यूएसए बाजार पर रणनीतिक फोकस

मेले के तीसरे दिन ईपीसीएच–एक्सपो बाज़ार–टीआईसीए सहयोग पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इस साझेदारी का उद्देश्य वेयरहाउसिंग, फुलफिलमेंट और जस्ट-इन-टाइम डिलीवरी मॉडल के जरिए यूरोप में भारतीय हस्तशिल्प की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित करना है। भारत–ईयू व्यापार ढांचे में तेजी से हो रहे बदलाव और टैरिफ रैशनलाइज़ेशन को देखते हुए इसे निर्यातकों के लिए रणनीतिक अवसर बताया गया।

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ईपीसीएच के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने कहा कि यह साझेदारी भारतीय निर्यातकों को प्रत्यक्ष वैश्विक पहुंच और बेहतर मूल्य प्राप्ति का अवसर देगी।

टीआईसीए मॉडल से यूरोप में सीधी पहुंच

TICA के सीईओ रोजियर यूवेल ने बताया कि बेनेलक्स क्षेत्र में 45,000 सदस्यों वाली कैश-एंड-कैरी चेन के रूप में टीआईसीए विविधता और गुणवत्ता पर आधारित मॉडल के जरिए काम करती है। चयनित भारतीय सप्लायर्स को नीदरलैंड्स और बेल्जियम स्थित केंद्रों तक सीधी पहुंच मिलेगी।

ईपीसीएच के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने ‘कैश-एंड-कैरी’ और ‘प्रोजेक्ट’ मॉडल की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि कोविड के बाद खरीदारों की बदलती जरूरतों को देखते हुए लीड टाइम कम करना और लाभप्रदता बढ़ाना प्राथमिकता बन गया है।

ज्ञान सत्रों में 2027 ट्रेंड्स पर चर्चा

तीसरे दिन ‘डिज़ाइन फ्यूचर्स 2027’ विषय पर सेमिनार आयोजित हुआ, जिसमें स्प्रिंग-समर और ऑटम-विंटर 2027 के ट्रेंड्स, सस्टेनेबिलिटी, इको-कॉन्शस एस्थेटिक्स और आधुनिक आर्टिसनल तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

‘व्हाट बायर्स वांट’ सेमिनार में प्रोडक्ट प्रेज़ेंटेशन, प्रभावी कम्युनिकेशन और वैश्विक कम्प्लायंस मानकों को लेकर खरीदारों की अपेक्षाओं पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि पेशेवर प्रस्तुति और सही अनुपालन सीधे तौर पर ऑर्डर कन्वर्ज़न और दीर्घकालिक साझेदारी को प्रभावित करते हैं।

अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की सकारात्मक प्रतिक्रिया

ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बेल्जियम और जापान से आए खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, कारीगरी और प्रतिस्पर्धी कीमतों की सराहना की। होम डेकोर, फर्नीचर, फैशन एक्सेसरीज़ और फेस्टिव कलेक्शन की विशेष मांग देखी गई।

निर्यात में मजबूती

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक राजेश रावत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारतीय हस्तशिल्प का कुल निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन डॉलर) रहा। उन्होंने कहा कि यह मॉडल छोटे और मध्यम रिटेलर्स के लिए भी नए अवसर खोल रहा है, जिससे तेज़ शिपमेंट और बेहतर बाजार पहुंच संभव हो रही है।

तीसरे दिन की गतिविधियों ने स्पष्ट किया कि आईएचजीएफ दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारतीय हस्तशिल्प के लिए वैश्विक व्यापार विस्तार का सशक्त मंच बन चुका

 

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