Delhi :वट अमावस्या से पहले बांटे गए वट और औषधीय पौधे

शाहदरा स्थित राजमाता झंडेवाला मंदिर में महिलाओं को वटवृक्ष और औषधीय पौधेवितरित किए गए।

Delhi वट सावित्री व्रत और वट अमावस्या के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए शाहदरा स्थित राजमाता झंडेवाला मंदिर में महिलाओं को वटवृक्ष और औषधीय पौधेवितरित किए गए। कार्यक्रम में स्वामी राजेश्वरानंद ने प्रकृति संरक्षण को सनातन संस्कृति की मूलभावना बताया।

सद्गुरु राज दरबार के प्रबंधक राम वोहरा ने बताया कि पर्यावरण मित्र संस्था की अध्यक्षा अविता चौधरीके सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को हरसिंगार, पत्थरचट्टा और गुड़हल जैसे औषधीयपौधे वितरित किए गए। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को पेड़-पौधों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना था।स्वामी राजेश्वरानंद ने कहा कि वट सावित्री व्रत केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भीसंदेश देता है। उन्होंने कहा कि महिलाएं वटवृक्ष की पूजा करते समय पेड़ों और पत्तों को नुकसान नपहुंचाएं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखने का संकल्प लें।उन्होंने कहा कि प्रकृति ही ईश्वर का साक्षात स्वरूप है और सुरक्षित पर्यावरण ही आने वाली पीढ़ियों कासुरक्षित भविष्य तय करेगा।

Delhi :वट अमावस्या से पहले बांटे गए वट और औषधीय पौधे
Delhi :वट अमावस्या से पहले बांटे गए वट और औषधीय पौधे

अविता चौधरी ने कहा कि वट सावित्री व्रत पति की दीर्घायु के लिए रखाजाता है, इसलिए इस अवसर पर वृक्षों की रक्षा करना ही सच्ची आस्था और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारीहै।

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