गाजियाबाद, भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप ने लोगों की सेहत पर गंभीर असर
डालना शुरू कर दिया है। जिले के सरकारी अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, डायरिया, वायरल बुखार, आंखों की
एलर्जी और त्वचा रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हालात ऐसे हैं कि कई अस्पतालों
के चिकित्सा वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं और मरीजों के बढ़ते दबाव के कारण उपचार व्यवस्था पर भी
असर दिखाई देने लगा है।
एमएमजी अस्पताल और संयुक्त जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
एमएमजी अस्पताल में मंगलवार को कुल 2072 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 1039 महिलाएं,
731 पुरुष और 302 बच्चे शामिल रहे। वहीं संयुक्त जिला अस्पताल में 943 मरीज उपचार के लिए
पहुंचे। दोनों अस्पतालों में सबसे अधिक भीड़ चिकित्सक बाह्य रोग विभाग में दर्ज की गई, जहां उल्टी-
दस्त, तेज बुखार और शरीर में पानी की कमी से पीड़ित मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
चिकित्सकों के अनुसार लगातार तेज धूप और लू के कारण लोगों के शरीर में पानी की कमी तेजी से हो
रही है। इसके साथ ही सनबर्न, आंखों में जलन, एलर्जी और त्वचा संक्रमण के मामले भी बढ़ रहे हैं। कई
मरीज गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिन्हें तत्काल भर्ती करना पड़ रहा है।
बढ़ते मरीजों के कारण अस्पतालों के चिकित्सा वार्डों के सभी बिस्तर भर चुके हैं। कुछ स्थानों पर स्थिति
इतनी चुनौतीपूर्ण हो गई है कि एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इससे
मरीजों और उनके परिजनों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
एमएमजी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि मरीजों के उपचार के
लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। चिकित्सा वार्डों के साथ-साथ हीटवेव वार्ड में भी मरीजों को भर्ती किया
जा रहा है, ताकि उपचार में किसी प्रकार की बाधा न आए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना
है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ
लें तथा लू और तेज धूप से बचाव के लिए सतर्क रहें। समय रहते सावधानी बरतने से डिहाइड्रेशन और
गर्मी से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
