Power Crisis, के कारण कानपुर में भड़का जनता का गुस्सा, भीषण गर्मी में सड़क पर उतरे लोग
कानपुर में आसमान से बरसती आग और भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती (Power Cut) ने अब आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। मंगलवार की रात शहर के कई प्रमुख इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद स्थानीय नागरिकों का गुस्सा पूरी तरह सड़क पर फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने अंधेरे में ही सड़कों पर उतरकर बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन (Protest) किया। गर्मी और उमस के इस जानलेवा मौसम में बिजली गुल रहने से नाराज लोग जल्द से जल्द इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
जैसे-जैसे शहर में पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे बिजली की मांग (Power Demand) में भी रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन कानपुर का बिजली वितरण नेटवर्क (Distribution Network) इस लोड को संभालने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। इसी का नतीजा है कि शहर के विभिन्न रिहायशी और व्यापारिक इलाकों में घंटों तक बिजली गायब रहने की शिकायतें आम हो चुकी हैं। इस अनियंत्रित बिजली संकट ने न केवल लोगों के रोजमर्रा के कामों को ठप कर दिया है, बल्कि भीषण उमस ने आम जनजीवन को भी बुरी तरह बेहाल और प्रभावित कर दिया है।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि दिन हो या रात, किसी भी समय अचानक बिजली काट दी जाती है। इस लापरवाही का सबसे बुरा असर छोटे बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लगातार घंटों तक पावर कट रहने के कारण अब घरों में लगे इन्वर्टर (Inverter) भी पूरी तरह जवाब दे चुके हैं, जिससे पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है और स्थिति हर घंटे के साथ और अधिक गंभीर होती जा रही है।
आंदोलन कर रहे नागरिकों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर संवेदनहीनता का सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि कंट्रोल रूम में बार-बार शिकायत (Complaint) दर्ज कराने के बाद भी जमीन पर कोई ठोस समाधान (Solution) नजर नहीं आ रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि ओवरलोडिंग के कारण फुंक रहे ट्रांसफॉर्मर (Transformer) और जर्जर हो चुकीं बिजली लाइनों के तकनीकी फॉल्ट (Technical Fault) को तुरंत दुरुस्त किया जाए और शहर में बिना किसी बाधा के नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
दूसरी तरफ, बिजली विभाग के स्थानीय इंजीनियरों और अधिकारियों ने इस संकट पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि गर्मी के इस मौसम में अचानक एसी (AC) और कूलरों का इस्तेमाल बढ़ने से ग्रिड पर लोड काफी ज्यादा बढ़ गया है। इस अत्यधिक लोड के कारण ही जगह-जगह ट्रिपिंग (Tripping) और तकनीकी फॉल्ट की समस्याएं आ रही हैं।
विभाग का दावा है कि मेंटेनेंस टीमों (Maintenance Teams) को लगातार फील्ड में तैनात रखा गया है और जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था को सामान्य करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
शहरी मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि कानपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहर में तेजी से बढ़ती आबादी और सालों पुरानी बिजली की बुनियादी संरचना (Infrastructure) इस बड़े संकट की मुख्य वजह है। जब तक शहर के ट्रांसफॉर्मर की क्षमता को नहीं बढ़ाया जाएगा और पूरे बिजली नेटवर्क को आधुनिक तरीके से अपग्रेड (Upgrade) नहीं किया जाएगा, तब तक हर साल गर्मी के मौसम में इस तरह का पावर क्राइसिस बार-बार जनता के सामने आता रहेगा।
संकट की इस घड़ी में कानपुर की जनता ने अब जिला प्रशासन और सरकार से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। लोगों का कहना है कि विभाग केवल पैचवर्क या अस्थायी समाधान (Temporary Solution) ढूंढने के बजाय एक दीर्घकालिक ठोस योजना (Long-Term Plan) पर काम करे ताकि आने वाले समय में लोगों को इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके। फिलहाल प्रभावित इलाकों में बिजली को लेकर भारी तनाव बना हुआ है और नागरिक जल्द से जल्द राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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