Digital Arrest के नाम पर 1.29 करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

Digital Arrest के नाम पर 1.29करोड़ रुपए की साइबर ठगी

Noida  के थाना साइबर क्राइम पुलिस ने Digital Arrest के नाम पर 1.29करोड़ रुपए की साइबर ठगी से जुड़े मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंकखाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मजदूरों और अन्य लोगों के बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबरअपराधियों को किराये पर उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को ट्रांसफर करने मेंकिया जाता था। पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों ने पीड़ित व्यक्ति को फोन कर स्वयं को ट्राई काअधिकारी बताया था। इसके बाद ठगों ने दावा किया कि पीड़ित के मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजेगए हैं और इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच तथा सीबीआई द्वारा की जा रही है।आरोपियों ने कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ित को Digital Arrest में रखा और जांच के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 29 लाख 61 हजार 962 रुपए ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित कीशिकायत पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओंतथा आईटी एक्ट की धारा 66डी के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

Digital Arrest के नाम पर 1.29 करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
Digital Arrest के नाम पर 1.29 करोड़ रुपए की साइबर ठगी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

इस प्रकरण में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। साइबर क्राइम पुलिसने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और तकनीकी जांच के आधार पर 29 मई को पश्चिमी दिल्ली केनिहाल विहार थाना क्षेत्र निवासी 21 वर्षीय आकाश पुत्र नरेश को गिरफ्तार किया।जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधियों को प्रत्येक बैंक खाता उपलब्ध कराने के लिए 50हजार रुपए लेता था। अब तक वह करीब 12 बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध करा चुका है। पुलिस केअनुसार आरोपी के स्वयं के बैंक खाते के खिलाफ भी राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर विभिन्न राज्यों सेशिकायतें दर्ज हैं।

इनमें कर्नाटक से चार, महाराष्ट्र से तीन, तेलंगाना से एक, केरल से दो, हरियाणा सेएक और गुजरात से एक शिकायत शामिल है। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल भी बरामद किए गए हैं।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले लोगोंकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे खातों के माध्यम से ठगी की रकम को एक स्थान से दूसरेस्थान पर भेजकर जांच एजेंसियों को गुमराह करने का प्रयास किया जाता है। पुलिस अब इस नेटवर्क सेजुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

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