नोएडा में यमुना का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट: पांच बाढ़ चौकियां स्थापित, लोगों को किया जा रहा जागरूक
नोएडा और गौतमबुद्ध नगर जिले में Yamuna यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. दिल्ली में Yamuna यमुना के पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिसके मद्देनजर गौतमबुद्ध नगर जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए जेवर और रबूपुरा क्षेत्र में पांच स्थानों पर बाढ़ चौकियां (Flood Posts) स्थापित कर दी हैं.
अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.

Yamuna यमुना का जलस्तर और खतरे की स्थिति
पिछले कुछ दिनों से पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज और दिल्ली के वजीराबाद बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. इसी का असर गौतमबुद्ध नगर जिले पर भी दिख रहा है.
सोमवार दोपहर को दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर Yamuna यमुना का जलस्तर 205.55 मीटर तक पहुंच गया था, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर है. तब से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे यमुना से सटे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
गौतमबुद्ध नगर जिले के Yamuna यमुना किनारे स्थित गांव जैसे फलैदा खादर, करौली बांगर, मेहंदीपुर, सिरौली बांगर, पलाहका और बेगमाबाद के खेतों में पानी बढ़ने लगा है. यह स्थिति किसानों और गांव के निवासियों के लिए चिंता का विषय बन गई है.

प्रशासन की तैयारी और स्थापित की गई चौकियां
जिला प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है. जेवर के तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि सभी बाढ़ चौकियां और नियंत्रण कक्ष (Control Rooms) पूरी तरह से सक्रिय कर दिए गए हैं. बाढ़ की स्थिति से निपटने और लोगों को मदद पहुँचाने के लिए पांच प्रमुख स्थानों पर बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं:
- प्राथमिक विद्यालय नेवला
- प्राथमिक विद्यालय झुप्पा
- शिव मंदिर भाईपुर ब्रह्मनान
- उच्च प्राथमिक विद्यालय फलैदा बांगर
- जनता इंटर कॉलेज जेवर
इन चौकियों का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान करना, और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना है. तहसीलदार ने कहा कि “फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और हम हर पल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.”
इसके अलावा, गौतमबुद्ध नगर के अधिकारी दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर भी Yamuna यमुना के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह उनके लिए एक महत्वपूर्ण अवलोकन बिंदु है. दिल्ली और गौतमबुद्ध नगर के अधिकारी आपस में समन्वय बनाए हुए हैं ताकि पानी के प्रवाह और संभावित खतरों पर समय रहते जानकारी साझा की जा सके.

हथिनीकुंड बैराज से पानी की निकासी
बाढ़ नियंत्रण विभाग के अनुसार, वर्तमान में हथिनीकुंड बैराज से हर घंटे लगभग 38,361 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. वहीं, वजीराबाद बैराज से हर घंटे 68,230 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. पानी की यह भारी मात्रा ही यमुना के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण है.
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा स्थापित नियंत्रण कक्ष या बाढ़ चौकियों से संपर्क करें. अधिकारियों ने ग्रामीणों को भी जागरूक किया है कि वे नदी के पास न जाएं और अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं.
यह स्थिति प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है, लेकिन जिस तरह से त्वरित कार्रवाई की गई है, उससे यह उम्मीद है कि किसी भी बड़ी आपदा से बचा जा सकता है.
प्रशासन का मुख्य ध्यान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करने पर है ताकि कोई जान-माल का नुकसान न हो. बाढ़ चौकियां न केवल राहत कार्य के केंद्र होंगी बल्कि लोगों के लिए सूचना और सहायता का महत्वपूर्ण स्रोत भी होंगी.

