क्यों खतरनाक होते हैं हिडन Heart Attack हार्ट अटैक, कैसे कर सकते हैं इनकी पहचान?

Heart Attack

क्यों खतरनाक होते हैं हिडन  Heart Attack हार्ट अटैक, कैसे कर सकते हैं इनकी पहचान?

पिछले कुछ सालों में Heart Attack हार्ट अटैक (मायोकार्डियल इंफार्क्शन) के मामलों में तेज़ी से बढ़ोतरी देखी गई है. यह एक गंभीर स्थिति है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त प्रवाह कम हो जाता है या पूरी तरह रुक जाता है. ऑक्सीजन की कमी से हृदय की कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त होने लगती हैं, और अक्सर यह समस्या कोरोनरी आर्टरी में रुकावट के कारण होती है.

हम सभी Heart Attack हार्ट अटैक के सामान्य लक्षणों से वाकिफ हैं, जैसे सीने में तेज़ दर्द. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार  Heart Attack हार्ट अटैक बिना किसी बड़े लक्षण के भी हो सकता है?

इसे साइलेंट Heart Attack हार्ट अटैक या हिडन Heart Attack हार्ट अटैक कहते हैं, और यह अक्सर जितना हम सोचते हैं, उससे कहीं ज़्यादा ख़तरनाक साबित हो सकता है.

साइलेंट  Heart Attack हार्ट अटैक की गंभीरता इस बात में निहित है कि लोगों को अक्सर इसका पता तब चलता है जब वे किसी अन्य कारण से ईसीजी (ECG) या स्ट्रेस टेस्ट करवाते हैं और डॉक्टर को हृदय में हुए डैमेज के संकेत दिखाई देते हैं. तब तक हृदय को पहले ही नुकसान पहुँच चुका होता है.

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कैसे पहचानें साइलेंट Heart Attack हार्ट अटैक?

साइलेंट  Heart Attack हार्ट अटैक में पारंपरिक लक्षण, जैसे सीने में तेज़ दर्द या बाएँ हाथ में दर्द, हमेशा नहीं होते. यही कारण है कि इसे पहचानना मुश्किल हो सकता है.

इसके बजाय, आपको कुछ हल्के और अक्सर अनदेखे संकेत दिख सकते हैं, जिन्हें लोग सामान्य समस्याएँ समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं:

  • हल्की थकान: बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार थकान महसूस होना, खासकर शारीरिक गतिविधि के बाद.
  • बदहज़मी या पेट में असहजता: छाती या पेट के ऊपरी हिस्से में हल्का दबाव, जलन, या अपच जैसा महसूस होना. इसे अक्सर गैस या एसिडिटी मान लिया जाता है.
  • सांस फूलना: थोड़ी देर के लिए या सामान्य गतिविधियों के दौरान भी सांस लेने में कठिनाई महसूस होना. यह खासकर रात में या लेटने पर ज़्यादा हो सकता है.
  • सामान्य फ्लू जैसे लक्षण: कभी-कभी थकान, पसीना और बेचैनी जैसे लक्षण फ्लू या वायरल संक्रमण जैसे लग सकते हैं.
  • कमज़ोरी या चक्कर आना: अचानक कमज़ोरी महसूस होना, हल्का-सा चक्कर आना, या बेहोशी जैसा महसूस होना.
  • जबड़े, गर्दन, पीठ या हाथ में हल्का दर्द: पारंपरिक सीने के दर्द के बजाय, इन क्षेत्रों में हल्का या अस्पष्ट दर्द महसूस हो सकता है.

इन लक्षणों को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर यदि वे बार-बार हों या आपको अपनी सामान्य स्थिति से अलग लगें.

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कौन लोग हैं सबसे ज़्यादा जोखिम में?

कुछ समूहों में साइलेंट Heart Attack हार्ट अटैक का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक होता है:

  • महिलाएँ: 2023 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, महिलाओं में साइलेंट  Heart Attack हार्ट अटैक का खतरा ज़्यादा होता है, क्योंकि इनमें लक्षण अक्सर कम स्पष्ट होते हैं या वे उन्हें अन्य सामान्य समस्याओं से जोड़ देती हैं.
  • बुजुर्ग: उम्र-संबंधित बीमारियों से जूझ रहे बुजुर्गों में, खासकर 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में, दर्द को महसूस करने की क्षमता कम हो सकती है, जिससे साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
  • डायबिटीज के मरीज: डायबिटीज के मरीजों में नसों को नुकसान पहुँचने की संभावना होती है (न्यूरोपैथी), जिससे वे दर्द के संकेतों को ठीक से महसूस नहीं कर पाते. इससे उन्हें भी साइलेंट हार्ट अटैक का खतरा रहता है.
  • हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग: उच्च रक्तचाप कमजोर धमनियों का कारण बन सकता है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और साइलेंट हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है.
  • हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग: उच्च कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक जमा कर सकता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है.
  • धूम्रपान करने वाले और शराब का अधिक सेवन करने वाले: ये आदतें हृदय स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं और हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाती हैं.
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कैसे करें बचाव?

Heart Attack हार्ट अटैक से बचने का सबसे अच्छा तरीका है समय रहते लाइफस्टाइल में बदलाव करना और निवारक उपाय अपनाना:

  • कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करें: अपने आहार पर ध्यान दें और नियमित जांच करवाएँ. लंबे समय तक हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों को ब्लॉक कर सकता है, जिससे  Heart Attack हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है.
  • संतुलित डाइट लें: अधिक फाइबर, कम ट्रांस फैट और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों वाला आहार लें. अपनी डाइट में ताज़ी सब्जियाँ, फल, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन शामिल करें.
  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहें: रोजाना कम से कम 30 मिनट का मध्यम व्यायाम करें. यह आपके वज़न को नियंत्रित रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करेगा.
  • धूम्रपान और शराब से बचें/कम करें: धूम्रपान हृदय और रक्त वाहिकाओं को गंभीर नुकसान पहुँचाता है. ज़्यादा शराब पीने से ब्लड प्रेशर और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ते हैं, जो हार्ट अटैक का रिस्क फैक्टर हैं.
  • वजन नियंत्रित रखें: मोटापा हृदय रोग के लिए एक बड़ा जोखिम कारक है. अपने वजन को स्वस्थ सीमा में बनाए रखने का प्रयास करें.
  • तनाव का प्रबंधन करें: तनाव हृदय पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. योग, ध्यान या हॉबीज़ के माध्यम से तनाव को कम करने का प्रयास करें.
  • नियमित हेल्थ चेकअप: अपने ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर की नियमित जांच कराते रहें. यह किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाने में मदद करेगा.
  • पर्याप्त नींद लें: पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है.
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साइलेंट Heart Attack हार्ट अटैक के आंकड़े चौंकाने वाले

 

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, कोरोनरी आर्टरी डिजीज वाले लोगों में 70 से 80 प्रतिशत इस्केमिक घटनाएँ (रक्त प्रवाह में कमी) बिना लक्षण के होती हैं. मिडिल-एज ग्रुप में 2 से 4 प्रतिशत पुरुषों में ट्रेडमिल टेस्ट के दौरान साइलेंट इस्केमिया पाया गया है.

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कुल मायोकार्डियल इंफार्क्शन (हार्ट अटैक) के 20 से 30 प्रतिशत मामले साइलेंट Heart Attack हार्ट अटैक के होते हैं. ये आँकड़े दर्शाते हैं कि साइलेंट हार्ट अटैक एक आम समस्या है और इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए.

याद रखें,  Heart Attack हार्ट अटैक हमेशा अचानक नहीं आता; यह धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुँचाता है. इसलिए, शरीर के छोटे-छोटे संकेतों को भी नज़रअंदाज़ न करें और नियमित चेकअप कराते रहें. आज से ही एक हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएँ, क्योंकि सावधानी ही सुरक्षा है और आपके हृदय का स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है.

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