ग्रेटर नोएडा में खुलेगा ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी University का पहला भारतीय कैंपस

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ग्रेटर नोएडा में खुलेगा ऑस्ट्रेलिया की वेस्टर्न सिडनी University का पहला भारतीय कैंपस, योगी सरकार के विजन को मिली बड़ी कामयाबी

 

ग्रेटर नोएडा, 09 दिसंबर 2025 उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी विदेशी यूनिवर्सिटी का पूरा कैंपस खुलने जा रहा है। मंगलवार को नई दिल्ली के ITC मौर्या होटल में भव्य समारोह में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण और ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी (Western Sydney University) के बीच औपचारिक समझौता हुआ। इस पार्टनरशिप से ग्रेटर नोएडा देश का नया ग्लोबल एजुकेशन हब बनेगा।

वेस्टर्न सिडनी University
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समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव (औद्योगिक विकास) आलोक कुमार, हायर एजुकेशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी एम.पी. अग्रवाल, वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर जॉर्ज विलियम्स, प्रोवोस्ट प्रोफेसर डेबोरा स्वीनी, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO एनजी रवि कुमार और ACEO सौम्य श्रीवास्तव सहित दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।40,000 वर्ग फुट जमीन लीज पर, कैंपस प्राधिकरण कॉम्प्लेक्स में ही बनेगा

वेस्टर्न सिडनी University
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी University को अपने मुख्य कॉम्प्लेक्स के अंदर ही 40,000 वर्ग फुट जमीन 99 साल की लीज पर दी है। पहले चरण में 2026-27 सत्र से ही क्लासें शुरू करने की योजना है।ये कोर्स शुरू होंगेपहला चरण बिजनेस एनालिटिक्स

डेटा साइंस

मार्केटिंग

सस्टेनेबल वॉटर फ्यूचर्स

एग्रीकल्चर

दूसरा चरण इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप

सप्लाई चेन मैनेजमेंट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग से जुड़े एडवांस कोर्स

नेताओं ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कहा,

“उत्तर प्रदेश तेजी से एक ट्रिलियन डॉलर इकॉनोमी की ओर बढ़ रहा है। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी जैसे विश्वस्तरीय संस्थान का आना हमारे युवाओं, खासकर बेटियों के लिए नए दरवाजे खोलेगा। अब उन्हें सपने पूरे करने के लिए राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

वेस्टर्न सिडनी University
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”अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने कहा,

“देश की सबसे युवा आबादी उत्तर प्रदेश में है। ग्रेटर नोएडा पहले से ही टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग हब है। इस यूनिवर्सिटी की मौजूदगी AI, डेटा साइंस और उभरते क्षेत्रों में ग्लोबल एक्सपर्टीज लाएगी और हमारे युवाओं को इंडस्ट्री-रेडी बनाएगी।

 

”ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO एनजी रवि कुमार ने बताया कि प्राधिकरण इस प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने के लिए हर संभव सहायता दे रहा है।

 

इस समझौते से उत्तर प्रदेश सरकार का वह सपना साकार होने की ओर बढ़ रहा है जिसमें राज्य को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों का पसंदीदा डेस्टिनेशन बनाया जाए। आने वाले कुछ सालों में ग्रेटर नोएडा न केवल दिल्ली-NCR बल्कि पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा एजुकेशन और इनोवेशन हब बनने की राह पर है।

 

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