सैनिकों के सम्मान में उतरी भाकियू महासभा: टोल प्लाजा पर अभद्रता को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी
देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों का सम्मान हर नागरिक का कर्तव्य है, लेकिन जब उनके साथ ही अभद्र व्यवहार होता है तो यह पूरे राष्ट्र के लिए चिंता का विषय बन जाता है।
हाल ही में मेरठ के भुनी टोल प्लाजा पर एक सैनिक के साथ हुई मारपीट की घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है।
इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए, भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) महासभा खुलकर सैनिकों के समर्थन में उतर आई है और उसने टोल कर्मियों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

मेरठ की घटना पर भाकियू का कड़ा रुख
मेरठ के भुनी Toll टोल प्लाजा पर हुई घटना ने टोलकर्मियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के बाद जेवर Toll टोल प्लाजा पर पूर्व फौजी जवानों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिसे भाकियू महासभा का पूर्ण समर्थन मिला है।
संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता भाटी ने एक बैठक आयोजित कर कहा कि अगर टोलकर्मियों का रवैया नहीं सुधरा तो जल्द ही एक व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने इस घटना को “बेहद निंदनीय” बताया और कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
“जवान अपने ही घर में सुरक्षित नहीं, यह लोकतंत्र के लिए घातक”
गीता भाटी ने अपने संबोधन में एक महत्वपूर्ण बात कही, “देश की रक्षा करने वाले जवान अगर अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो यह लोकतंत्र और कानून दोनों के लिए घातक है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सीमाओं की हिफाजत करने वाले जवानों पर हाथ उठाना पूरे राष्ट्र का अपमान है।
भाटी ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाई जाए ताकि ऐसी घटना भविष्य में दोबारा न हो। यह बयान न सिर्फ सैनिकों के प्रति सम्मान दिखाता है, बल्कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाता है।

स्थानीय लोगों के साथ अभद्र व्यवहार का मुद्दा
यह मुद्दा केवल सैनिकों तक ही सीमित नहीं है। भाकियू महासभा ने यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्थानीय लोगों और किसानों के साथ टोल कर्मियों के अभद्र व्यवहार को भी उजागर किया है।
गीता भाटी ने बताया कि पिछले काफी समय से यह मांग चली आ रही है कि स्थानीय लोगों से पहचान पत्र के आधार पर Toll टोल न वसूला जाए, लेकिन कुछ कर्मचारियों की मनमानी के कारण छोटे टोल प्लाजा पर भी किसानों और स्थानीय लोगों से टोल वसूला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि Toll टोल कर्मचारियों का यह रवैया बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रबंधन को ऐसे कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाना चाहिए।
इस बैठक में महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा भाटी, राष्ट्रीय सचिव बिजेंद्र कसाना, मिथलेश सिंह, दीपक ठाकुर, सादिक़ ख़ान, रणवीर नागर, सलीम, सुलेमान, गिल्लू प्रधान और नीतू सहित कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

व्यापक आंदोलन की तैयारी
भाकियू महासभा ने साफ कर दिया है कि अगर टोलकर्मियों का रवैया नहीं सुधरा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। संगठन ने चेतावनी दी है कि वे एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं जिसमें किसानों, सैनिकों और स्थानीय लोगों को एकजुट किया जाएगा।
यह आंदोलन न केवल टोल प्लाजा पर सैनिकों और आम नागरिकों के सम्मान की लड़ाई है, बल्कि यह टोल प्रबंधन की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ भी एक आवाज़ है।
यह घटना और उसके बाद का विरोध प्रदर्शन दर्शाता है कि देश में किसानों और सैनिकों के मुद्दे अब एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं।
भाकियू महासभा का यह कदम न केवल सैनिकों के सम्मान के लिए है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि Toll टोल प्लाजा पर होने वाली मनमानी और दुर्व्यवहार को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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