जीएसटी उत्पीड़न पर Merchants व्यापारियों का फूटा गुस्सा: अयोध्या व्यापार मंडल ने CM योगी को सौंपा ज्ञापन 1

Merchants

 

जीएसटी उत्पीड़न पर Merchants व्यापारियों का फूटा गुस्सा: अयोध्या व्यापार मंडल ने CM योगी को सौंपा ज्ञापन

अयोध्या, उत्तर प्रदेश:

उत्तर प्रदेश में Merchants व्यापारियों पर जीएसटी विभाग की दमनकारी नीतियों और उत्पीड़न के खिलाफ उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने आवाज़ उठाई है.

प्रदेश अध्यक्ष श्री मुकुंद मिश्रा के आवाहन पर, आज अयोध्या उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कविंद्र साहनी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नाम एक ज्ञापन सौंपा.

यह ज्ञापन जीएसटी कमिश्नर ग्रेड-1 संतोष कुमार को दिया गया, जिसमें जीएसटी विभाग द्वारा की जा रही मनमानी छापेमारी, वसूली और Merchants व्यापारियों के बैंक खातों को सीज़ करने के विरोध में कड़े कदम उठाने की मांग की गई है.

Merchants
जीएसटी उत्पीड़न पर व्यापारियों का फूटा गुस्सा

क्या है Merchants व्यापारियों की प्रमुख शिकायतें?

व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में जीएसटी विभाग द्वारा धारा-79 के अंतर्गत की जा रही वसूली और सर्वे छापे के नाम पर सचल दल द्वारा Merchants व्यापारियों से किए जा रहे उत्पीड़न का विस्तृत उल्लेख किया. उनकी प्रमुख शिकायतें निम्नलिखित हैं:

  • बैंक खातों को सीज़ करना और धन निकासी: Merchants व्यापारियों का आरोप है कि उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग विगत कुछ महीनों से दमनकारी नीति अपनाते हुए उनके बैंक खातों को मनमाने ढंग से सीज़ कर रहा है. इतना ही नहीं, खातों में जमा धनराशि को भी बिना उचित प्रक्रिया के निकाला जा रहा है, जिससे व्यापारियों को भारी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है.
  • ईमेल द्वारा नोटिस और अपील में बाधा:Merchants व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित नोटिस ईमेल के माध्यम से भेजी जा रही हैं. कई बार व्यापारी इन ईमेल को समय पर देख नहीं पाते, जिसके परिणामस्वरूप उनके बैंक खाते सीज़ कर दिए जाते हैं और उनसे रकम निकाल ली जाती है.
  • \ईमेल न देख पाने के कारण व्यापारी समय पर ग्रेड वन के समक्ष अपील भी नहीं कर पाते. यह प्रक्रिया Merchants व्यापारियों के लिए एक बड़ी बाधा बन गई है, क्योंकि उन्हें अपने बचाव का उचित अवसर नहीं मिल पाता.
  • घोषणा के बावजूद ट्रिब्यूनल का अभाव: व्यापारियों की एक और बड़ी चिंता यह है कि सरकार द्वारा ट्रिब्यूनल (Tribunal) के गठन की घोषणा के बावजूद, अभी तक इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है. ट्रिब्यूनल न होने के कारण व्यापारी पहली अपील के बाद दूसरी अपील भी नहीं कर पा रहे हैं. इससे न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया और अधिक जटिल हो गई है और Merchants  व्यापारियों को राहत मिलने में देरी हो रही है.

 

मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से इस पूरे मामले पर गंभीरता से निर्णय लेने और  Merchants  व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने की अपील की है. उनका कहना है कि जीएसटी विभाग की ये नीतियां Merchants  व्यापारियों के मनोबल को गिरा रही हैं और व्यापारिक गतिविधियों को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही हैं.

ऐसे में सरकार का हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक है ताकि Merchants  व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके और वे बिना किसी डर के अपना व्यापार कर सकें.

 

ज्ञापन सौंपने वाले पदाधिकारी

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अयोध्या उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष कविंद्र साहनी के नेतृत्व में कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे. ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री रमेश चौरसिया, अजय मिश्रा, राजेश यादव, सौरभ सरीन, रवि गुप्ता, आदित्य अग्रवाल, संजय कपूर, अंकित जैन, विष्णु गुप्ता, दिग्विजय गर्ग, सौरभ चौरसिया, और अरुण साहू शामिल थे. इस कार्यक्रम की जानकारी आईटी सेल अध्यक्ष मानव मेहरोत्रा ने दी.

Merchants
अयोध्या व्यापार मंडल ने CM योगी को सौंपा ज्ञापन

Merchants  व्यापारियों की एकजुटता और भविष्य की चुनौतियाँ

यह घटना जीएसटी लागू होने के बाद से Merchants व्यापारियों द्वारा सामना की जा रही चुनौतियों को उजागर करती है. जबकि जीएसटी का उद्देश्य एक समान कर प्रणाली स्थापित करना था, इसके क्रियान्वयन में कई बार Merchants व्यापारियों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.

अयोध्या के Merchants  व्यापारियों द्वारा उठाया गया यह कदम दिखाता है कि वे अपने अधिकारों के लिए एकजुट हैं और सरकार से पारदर्शी तथा व्यापारी-हितैषी नीतियों की अपेक्षा करते हैं.

अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ इस ज्ञापन पर क्या कार्रवाई करते हैं और क्या जीएसटी विभाग की नीतियों में कोई बदलाव आता है जिससे Merchants  व्यापारियों को राहत मिल सके. यह मुद्दा न केवल अयोध्या बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के व्यापारिक समुदाय के लिए महत्वपूर्ण है.

Related posts

Leave a Comment