एस जयशंकर ने China चीन के राष्ट्रपति श्री जंपिंग से की मुलाकात
बीजिंग, चीन –
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की.
इस मुलाकात को भारत और Chinaचीन के बीच संबंधों में सुधार के एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर गलवान घाटी में 2020 की हिंसा के बाद. जयशंकर ने इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शी जिनपिंग को शुभकामनाएं और अभिनंदन भी पहुंचाया.

संबंधों में मधुरता के संकेत
डॉ. एस. जयशंकर और शी जिनपिंग की इस मुलाकात से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत और China चीन के संबंधों में एक नई गर्माहट आ रही है. यह मुलाकात दोनों देशों के बीच भविष्य में अधिक मजबूत और मधुर संबंधों की ओर इशारा करती है. लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद और अन्य मुद्दों के बावजूद, शीर्ष स्तर पर इस तरह की बातचीत कूटनीति के लिए एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है.
विदेश मंत्री ने इस मुलाकात की जानकारी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा, “आज सुबह बीजिंग में अपने साथी एससीओ विदेश मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन उन्हें पहुंचाया. राष्ट्रपति शी जिनपिंग को हमारे द्विपक्षीय संबंधों के हालिया विकास से अवगत कराया. इस संबंध में हमारे नेताओं के मार्गदर्शन को महत्व देते हैं.”
2019 के बाद जयशंकर का पहला China चीन दौरा
यह 2019 के बाद पहला मौका था जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर China चीन के दौरे पर गए. वे शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) के एक कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने के लिए चीन गए थे. 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में भारी खटास आ गई थी और डिप्लोमैटिक संबंधों में भी दरार पड़ गई थी. इस यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि यह दोनों देशों के बीच संवाद को फिर से सामान्य बनाने में मदद करेगी.
अपने चीन दौरे के दौरान, जयशंकर ने बीजिंग में स्थित भारतीय दूतावास का भ्रमण भी किया और वहाँ अनार का पौधा लगाया, जो अक्सर संबंधों में नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. उन्होंने अपने चीनी समकक्ष विदेश मंत्री वांग यी से भी मुलाकात की और दोनों नेताओं ने भारत-चीन China द्विपक्षीय संबंधों पर खुलकर चर्चा की. इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई होगी.
शी जिनपिंग का सार्वजनिक रूप से सामने आना और अटकलें
यह भी गौर करने वाली बात है कि China चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग काफी दिनों बाद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं. चीन में पिछले कुछ समय से सत्ता परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं. China चीन में यह एक ट्रेंड भी देखा गया है कि जब भी किसी बड़े पद पर काबिज व्यक्ति को उसके पद से हटाना होता है, तो वह कई दिनों तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आता और ‘गायब’ हो जाता है.
जिनपिंग के सत्ता हस्तांतरण के बारे में अटकलें तब और तेज़ हो गई थीं जब सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि China चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के शक्तिशाली 24 सदस्यीय राजनीतिक ब्यूरो ने 30 जून को अपनी बैठक में पार्टी के विभिन्न घटकों के काम को लेकर नए नियमों की समीक्षा की है.
इस तरह की ख़बरों ने राजनीतिक विश्लेषकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया था कि क्या शी जिनपिंग की स्थिति में कोई बदलाव आ रहा है. हालांकि, जयशंकर से उनकी मुलाकात ने इन अटकलों पर कुछ हद तक विराम लगा दिया है.

भविष्य के संबंध
जयशंकर और जिनपिंग की मुलाकात, एससीओ जैसे बहुपक्षीय मंच पर, दोनों देशों के लिए अपने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने का एक अवसर प्रदान करती है. हालांकि, सीमा विवाद और अन्य भू-राजनीतिक मुद्दे अभी भी बने हुए हैं, लेकिन शीर्ष स्तर पर संवाद का फिर से शुरू होना एक सकारात्मक कदम है. यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मुलाकात आने वाले समय में भारत और China चीन के संबंधों को किस दिशा में ले जाती है.
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