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Toggleहाईटेक ज़िले में ‘गड्ढे राज’: रबूपुरा में Road सड़क बनी मुसीबत
रबूपुरा, गौतम बुद्ध नगर:
जहाँ एक ओर गौतम बुद्ध नगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, फिल्म सिटी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का डंका बज रहा है, वहीं दूसरी ओर ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है.
रबूपुरा से पचोकरा, चांदपुर, शाहपुर और पारसौल जैसे आधा दर्जन से अधिक गाँवों को जोड़ने वाली सड़क की दयनीय हालत ने स्थानीय ग्रामीणों, किसानों और छात्रों का जीवन मुश्किल कर दिया है. वर्षों से मरम्मत न होने के कारण यह Road सड़क गहरे गड्ढों और धूल से भर गई है, जिससे यहाँ से गुज़रना किसी चुनौती से कम नहीं है.

ग्रामीणों और छात्रों की मुसीबतें
इस मार्ग का इस्तेमाल सैकड़ों छात्र और ग्रामीण रोज़ाना रबूपुरा बाज़ार या अपने दैनिक कार्यों के लिए करते हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक, रबूपुरा से वाया पचोकरा, चांदपुर, शाहपुर, आछेपुर, पारसौल को जोड़ने वाला यह मार्ग पूरी तरह से टूट चुका है.
Road सड़क पर जगह-जगह इतने गहरे गड्ढे हैं कि आए दिन दोपहिया वाहन चालक और पैदल यात्री गिरकर चोटिल हो रहे हैं.सबसे ज़्यादा परेशानी स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को हो रही है.
बारिश के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब गड्ढों में पानी भर जाता है और यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि कहाँ गड्ढा है और कहाँ नहीं. इस वजह से आवागमन बाधित होता है और कई बार छात्रों को स्कूल पहुँचने में देरी होती है.
किसानों को भी अपनी उपज को बाज़ार तक ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वाहनों का बार-बार खराब होना और सामान का गिरना एक आम बात हो गई है.

सड़क की दयनीय हालत के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) दोनों जिम्मेदार हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा क्षेत्र यमुना प्राधिकरण के अंतर्गत आता है, लेकिन वर्षों से न तो प्राधिकरण ने और न ही PWD ने सड़क की मरम्मत की सुध ली है. कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से शिकायतें की गईं, लेकिन किसी ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया.

ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन केवल बड़ी-बड़ी परियोजनाओं की बात करता है, लेकिन उन छोटी-छोटी समस्याओं पर ध्यान नहीं देता जो सीधे जनता के जीवन को प्रभावित करती हैं. यह लापरवाही न केवल यातायात को बाधित करती है, बल्कि दुर्घटनाओं का कारण भी बन रही है, जिससे लोगों की जान को खतरा है.
विकास के दावों पर सवाल
यह विडंबना है कि जहाँ एक ओर सरकार गौतम बुद्ध नगर को एक हाईटेक और विश्वस्तरीय ज़िले के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर यहाँ की मूलभूत सुविधाएं बदहाली का शिकार हैं. जर्जर सड़कों की यह तस्वीर प्रशासन के विकास के दावों पर सवाल खड़ा करती है. यह दर्शाता है कि ज़मीनी स्तर पर विकास योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से नहीं हो रहा है
स्थानीय लोगों ने एक बार फिर जिला प्रशासन, यमुना प्राधिकरण और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस समस्या का तत्काल समाधान करें. उनकी मांग है कि जल्द से जल्द इस Road सड़क की मरम्मत की जाए ताकि ग्रामीण, छात्र और किसान सुरक्षित रूप से आवागमन कर सकें. यह देखना होगा कि इस बार उनकी गुहार पर कोई कार्रवाई होती है या वे मूकदर्शक बने रहते हैं.

