Ravana Dahan नाभि में 32 तीर मारकर किया श्रीराम ने रावण का वध
रबूपुरा। कस्बे के रामोत्सव ग्राउंड पर आयोजित श्रीरामलीला कथा में गुरुवार को अहिरावण वध, हनुमान मकर ध्वज संवाद, रावण वध और रावण शिक्षा आदि का नाटकीय मंचन कलाकारों द्वारा किया गया। रावण वध के मंचन में दिखाया गया कि मेघनाद की मृत्यु के बाद रावण खुद को असहाय महसूस करता है। तब उसे अपने बेटे पाताल के राजा अहिरावण का ध्यान आता है।

रावण अपनी माया शक्ति से अहिरावण को बुलाता है और उसे युद्ध में भेजता है। अहिरावण युद्ध में जाता है और मायावी शक्ति से श्रीराम व लक्ष्मण का अपरहण कर पाताल में ले आता है। हनुमान अहिरावण का वध करके राम लक्ष्मण को छुड़ाकर ले आतें है।

पूरे कुल की युद्ध में मौत होने के बाद, रावण खुद युद्ध की कमान संभालता है और श्रीराम व रावण में भयंकर युद्ध होता है। जब काफी समय तक भी रावण हार नहीं मानता, तब विभीषण राम को बताते है कि, आप इसकी नाभि में 32 तीर एक साथ मारिए। श्रीराम ऐसा ही करते है और रावण के वध Ravana Dahan कर देते हैं।
रावण वध के साथ ही पंडाल जय श्रीराम के नारे से गूंज उठा। इसके बाद कुंभकरण, मेघनाथ और रावण के पुतले का दहन किया गया। हालांकि बारिश के कारण करीब आधा घंटे तक श्रीरामलीला के मंचन में देरी भी हुई। इस दौरान रामोत्सव ग्राउंड पर दर्शकों की भारी भीड़ रही।
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