President Murmu राष्ट्रपति ने गया में किया पिंडदान, साथ मौजूद रहे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान।
गया: भारत की President Murmu ने पितृपक्ष के पावन अवसर पर बिहार के गया में अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान किया। यह एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि वह राष्ट्रपति के रूप में ऐसा अनुष्ठान करने वाली पहली शख्सियत हैं। इस दौरान उनके साथ बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी मौजूद थे, जो धार्मिक सद्भाव और एकता का एक अद्भुत उदाहरण था।President Murmu का गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे से वह सीधे मोक्ष भूमि गया के विष्णुपद मंदिर के लिए रवाना हुईं। यहां उन्होंने विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण की क्रियाएं संपन्न कीं, जो हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार पूर्वजों की आत्मा को शांति और मोक्ष प्रदान करती हैं।

यह अनुष्ठान न केवल President Murmu की व्यक्तिगत आस्था को दर्शाता है, बल्कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के प्रति उनके गहरे सम्मान को भी प्रदर्शित करता है। उनके इस कदम ने गया में चल रहे पितृपक्ष मेले को एक विशेष गरिमा प्रदान की।इस मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। एयरपोर्ट से लेकर मंदिर तक, पूरे इलाके में पुलिस और प्रशासन की टीम अलर्ट थी ताकि यह महत्वपूर्ण दौरा सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का इस धार्मिक अनुष्ठान में राष्ट्रपति के साथ रहना भारत की विविधता में एकता की भावना को पुष्ट करता है। यह दिखाता है कि देश के सर्वोच्च पदों पर बैठे व्यक्ति भी विभिन्न धर्मों और परंपराओं का सम्मान करते हैं। President Murmu का यह दौरा लाखों लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा।यह घटना सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं थी, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी था जो देश की सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं को मजबूती देता है।President Murmu का यह कदम धर्मनिरपेक्षता और आपसी सम्मान के भारतीय मूल्यों को और भी सशक्त बनाता है।
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