Delhi दिल्ली में बम की धमकियों पर गरमाई सियासत: केजरीवाल ने BJP की ‘फेल’ सरकार पर साधा निशाना
Delhi दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से शिक्षण संस्थानों को लगातार मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों ने न केवल छात्रों और अभिभावकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है, बल्कि इसने Delhi दिल्ली की राजनीति में भी उबाल ला दिया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन घटनाओं को लेकर सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि “चार इंजन वाली सरकार” पूरी तरह से विफल हो चुकी है और Delhi दिल्ली की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

‘चार इंजन वाली सरकार’ पर केजरीवाल का हमला
मंगलवार को द्वारका के एक स्कूल और प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद तुरंत अधिकारियों ने कार्रवाई की और सघन तलाशी अभियान चलाया। यह घटना सोमवार को तीन अन्य विद्यालयों को मिली इसी तरह की धमकियों के ठीक बाद हुई, जो बाद में अफवाह साबित हुईं।
इन लगातार घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए केजरीवाल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, Delhi “दिल्ली में ये क्या हो रहा है? कल दो स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली और आज एक और स्कूल तथा कॉलेज को धमकी मिली है। बच्चे डरे हुए हैं, अभिभावक बेहद चिंतित हैं। भाजपा की चार-चार इंजन वाली सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।”
केजरीवाल का “चार इंजन वाली सरकार” का संदर्भ केंद्र सरकार (जिसमें भाजपा सत्ता में है) और Delhi दिल्ली में भाजपा शासित नगर निगमों की ओर था, हालांकि Delhi दिल्ली पुलिस सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। उनका आरोप है कि भाजपा की यह संयुक्त शक्ति भी Delhi दिल्ली को सुरक्षित रखने में नाकाम साबित हो रही है।

आतिशी ने भी उठाई कानून-व्यवस्था पर सवाल
अरविंद केजरीवाल के अलावा, आम आदमी पार्टी की एक और प्रमुख नेता आतिशी ने भी दिल्ली में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि Delhi दिल्ली में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है और कटाक्ष करते हुए सवाल उठाया कि क्या भाजपा सरकार के लिए छात्रों की सुरक्षा कोई मायने नहीं रखती?
आतिशी ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, Delhi “दिल्ली में लगातार स्कूलों एवं कॉलेज को बम की धमकियां मिलना बेहद डरावना और चिंताजनक है। बच्चे डरे हुए हैं, माता-पिता परेशान हैं- भाजपा की चार-चार इंजन वाली सरकार सुरक्षा तक देने में नाकाम साबित हुई है। क्या बच्चों की सुरक्षा की कोई अहमियत नहीं है इनके लिए? कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।”
इन बयानों से यह स्पष्ट है कि AAP इन घटनाओं को लेकर भाजपा सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती। उनका मुख्य तर्क यह है कि Delhi दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा जिम्मेदार है।
धमकी भरे मेल और जांच की स्थिति
जानकारी के अनुसार, धमकी भरे ‘मेल’ में कहा गया था कि कॉलेज परिसर और पुस्तकालय में चार परिष्कृत विस्फोटक उपकरण (IED) और दो RDX (विस्फोटक) लगाए गए हैं और ये दोपहर दो बजे तक फट जाएंगे। इस जानकारी के बाद हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं।
अग्निशमन विभाग को सुबह आठ बजकर 50 मिनट पर सेंट स्टीफन कॉलेज में बम होने की सूचना मिली, जबकि सेंट थॉमस स्कूल से भी आठ बजकर एक मिनट पर बम की धमकी की एक और सूचना मिली।
हालांकि, गहन जांच और तलाशी अभियान के बाद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है। इसका मतलब है कि ये धमकियां अफवाह निकलीं, ठीक उसी तरह जैसे सोमवार को मिली धमकियां भी फर्जी पाई गई थीं। हालांकि, इन धमकियों के फर्जी निकलने के बावजूद, इनके कारण पैदा हुई दहशत और सुरक्षा एजेंसियों को करनी पड़ी मशक्कत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
आगे की राह और सुरक्षा चुनौतियाँ
लगातार मिल रही ऐसी धमकियाँ Delhi दिल्ली जैसे महानगर के लिए एक गंभीर चुनौती पेश करती हैं। भले ही ये धमकियाँ फर्जी साबित हो रही हों, लेकिन ये सुरक्षा एजेंसियों पर अनावश्यक दबाव डालती हैं और सार्वजनिक स्थानों, विशेषकर शिक्षण संस्थानों में, एक डर का माहौल बनाती हैं। यह आवश्यक है कि ऐसी धमकियां देने वालों का पता लगाकर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
सरकार और प्रशासन को न केवल इन घटनाओं की गहन जांच करनी चाहिए बल्कि शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करने पर भी ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही, अभिभावकों और छात्रों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए भी कदम उठाने होंगे ताकि वे सुरक्षित महसूस कर सकें। Delhi दिल्ली की कानून-व्यवस्था का मुद्दा हमेशा से ही एक संवेदनशील विषय रहा है और इन घटनाओं ने इस पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

