नोएडा में ड्रग्स का खेल खत्म: पुलिस ने दबोचा Cannabis गांजा तस्करों का गिरोह
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी/स्वॉट-2 टीम ने एक संयुक्त ऑपरेशन में अवैध Cannabis गांजा तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
इस कार्रवाई में तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में Cannabis गांजा बरामद हुआ है।
पुलिस ने न केवल नशीले पदार्थ बल्कि तस्करी में इस्तेमाल किए गए एक कैंटर ट्रक को भी जब्त किया है, जो इस गिरोह के संगठित अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश करता है।

गिरफ्तारी और बरामदगी
यह सफलता 28 अगस्त, 2025 को तब मिली जब थाना फेस-2 पुलिस और सीआरटी/स्वॉट-2 टीम ने अपनी लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई की।
पुलिस ने निम्मी विहार पुस्ते से कुलेसरा की तरफ एक नलकूप के पास से तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान अजय कुमार, नीरज वत्स उर्फ नीरू और हिमांशु जाटव के रूप में हुई।
अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से कुल 1 क्विंटल 82 किलो 350 ग्राम अवैध Cannabis गांजा बरामद किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये है।
इसके अलावा, तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक आईसर कैंटर ट्रक भी जब्त किया गया। इस बड़ी बरामदगी ने न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाया है, बल्कि एनसीआर में चल रहे ड्रग तस्करी के नेटवर्क पर भी एक बड़ा प्रहार किया है।
ऑपरेशन का तरीका और खुलासे
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने पूछताछ में अपने अपराध के तरीके का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे ओडिशा के कटक से सस्ते दामों में Cannabis गांजा खरीदते थे और उसे कैंटर गाड़ी में छिपाकर लाते थे। वे इसे नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में ऊंचे दामों पर बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे।
अभियुक्तों ने बताया कि वे अपने सह-अभियुक्तों सोनू उर्फ मोहम्मद सादाब और जे.पी. के साथ मिलकर यह काम करते थे। गांजे को वे बोरे और पैकेटों में छिपाकर लाते थे ताकि किसी को शक न हो।
पकड़े जाने से बचने के लिए वे अक्सर व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करते थे ताकि पुलिस उनकी लोकेशन को ट्रैक न कर सके। वे प्राइवेट वाहनों और रेलमार्गों का भी इस्तेमाल करते थे और ऐसे रेलवे स्टेशनों पर उतरते थे जहां तलाशी कम होती थी। पुलिस ने अब फरार चल रहे सह-अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया है।
आपराधिक इतिहास और कानूनी कार्रवाई
तीनों गिरफ्तार अभियुक्तों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है, जो उनके शातिर होने का संकेत देता है। उनके खिलाफ विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।
उदाहरण के लिए, अभियुक्त अजय कुमार के खिलाफ मेरठ में मारपीट और आबकारी अधिनियम के तहत मामले दर्ज हैं, जबकि नीरज वत्स के खिलाफ लखनऊ में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
यह बड़ी सफलता हासिल करने वाली पुलिस टीम को डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार पुलिसकर्मियों के मनोबल को बढ़ाता है और उन्हें ऐसे खतरनाक अभियानों को जारी रखने के लिए प्रेरित करता है।
40 लाख रुपये के गांजे की बरामदगी और एक संगठित गिरोह
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है और यह दिखाती है कि पुलिस प्रशासन नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए कितना प्रतिबद्ध है।
40 लाख रुपये के Cannabis गांजे की बरामदगी और एक संगठित गिरोह की गिरफ्तारी से न केवल समाज में सुरक्षा की भावना बढ़ेगी, बल्कि यह नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे युद्ध में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।

