‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर पीएम Modi मोदी का सम्मान, NDA की बैठक में गूंजे ‘हर-हर महादेव’ के नारे
5 अगस्त को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र Modi मोदी का भव्य सम्मान किया गया।
संसद के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित इस बैठक में पीएम Modi मोदी का ‘हर-हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के साथ जोरदार स्वागत किया गया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब संसद में बिहार की वोटर लिस्ट को लेकर हंगामा चल रहा है, और यह मौजूदा सत्र में एनडीए की पहली ऐसी बैठक थी।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ – एक सफल जवाबी कार्रवाई
‘ऑपरेशन सिंदूर’ सिर्फ एक सैन्य अभियान नहीं था, बल्कि यह उन सभी देशों के लिए एक कड़ा संदेश था जो भारत की सुरक्षा को चुनौती देने का प्रयास करते हैं।
यह एक जवाबी कार्रवाई थी, जिसमें भारतीय सेना ने पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब दिया। इस ऑपरेशन के तहत, कई आतंकवादी अड्डों और उनके मास्टरमाइंडों को ध्वस्त कर दिया गया, जिससे भारत ने अपनी सैन्य शक्ति का परचम पूरी दुनिया में लहरा दिया।
इस ऑपरेशन की सफलता के बाद, भारत की जय-जयकार विदेशों तक सुनाई देने लगी। इसी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया। एनडीए की बैठक में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनका सम्मान किया। इस दौरान पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
संसद में भी हुई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा
ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार ने विपक्ष की चुनौती को स्वीकार करते हुए लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विस्तार से चर्चा की। सरकार ने विपक्ष के सवालों का आक्रामक तरीके से जवाब दिया।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र Modi मोदी ने विपक्ष के सवालों की धार कुंद की, जिसमें यह पूछा गया था कि ऑपरेशन को सफलता के बाद क्यों रोका गया और भारत के कितने फाइटर जेट इस अभियान में गिरे। सरकार ने स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी और देश की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

2014 के बाद हुई कार्रवाइयों का जिक्र
इस बैठक में, पीएम Modi मोदी और अमित शाह ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) वापस न लेने के सवाल पर कांग्रेस को 1971 और 1965 के युद्धों के दौरान हुई गलतियों की याद दिलाई।
उन्होंने यह भी पूछा कि मुंबई हमले के बाद कांग्रेस ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए क्या कदम उठाए थे। इसके विपरीत, बीजेपी सरकार ने 2014 के बाद हुए उरी हमले, पुलवामा हमले और अब पहलगाम हमले का करारा जवाब दिया। इस तरह, सरकार ने अपनी मजबूत और निर्णायक सैन्य नीतियों को सामने रखा।
ऑपरेशन सिंदूर पर एनडीए सांसदों की बैठक में एक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें इस सफल अभियान और प्रधानमंत्री Modi मोदी के नेतृत्व की सराहना की गई।
यह बैठक न केवल सरकार की सैन्य सफलताओं का जश्न मनाने के लिए थी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सत्तारूढ़ गठबंधन कितना एकजुट और प्रतिबद्ध है।
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