अब हर किसी को नहीं मिलेगा जनरल डिब्बे का Ticket टिकट, CCTV से लैस होंगी ट्रेनें
नई दिल्ली, भारत –
भारतीय रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है। हाल ही में दो महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की गई है, जिनमें ट्रेनों में CCTV कैमरे लगाना और जनरल डिब्बे के Ticket टिकट नियमों में बदलाव करना शामिल है। इन बदलावों का उद्देश्य यात्रियों की यात्रा को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाना है।

सभी कोच और इंजनों में लगेंगे एडवांस CCTV कैमरे
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि भारतीय रेलवे के सभी 74 हजार डिब्बों और 15 हजार रेल इंजनों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। यह एक बड़ा सुरक्षा कदम है जिसका उद्देश्य चलती ट्रेन में होने वाली आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाना है। इन कैमरों के साथ माइक्रोफोन भी लगाए जाएंगे, जिससे ऑडियो रिकॉर्डिंग भी संभव हो सकेगी। हर इंजन में कुल 6 कैमरे लगाए जाएंगे, जो विभिन्न कोणों से निगरानी कर सकेंगे।
इन कैमरों को एडवांस सिस्टम से लैस किया जाएगा। ये कैमरे 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की स्पीड पर भी स्पष्ट फुटेज उपलब्ध करा सकेंगे, और कम रोशनी में भी इनकी फुटेज की गुणवत्ता बेहतर होगी।
हालांकि, रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कैमरे इस तरह से लगाए जाएंगे जिससे यात्रियों की निजता बनी रहे। इन कैमरों के लगने से शरारती तत्वों की पहचान करना आसान होगा, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा का स्तर काफी बढ़ जाएगा।
तत्काल Ticket टिकट बुकिंग में आधार OTP अनिवार्य
रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में भी एक बड़ा बदलाव किया है। 15 जुलाई 2025 से IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर तत्काल टिकट बुक करने के लिए आधार OTP की जरूरत होगी। यह कदम तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने और दलालों या फर्जी एजेंट्स की मनमानी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।
अक्सर देखा जाता था कि दलाल अवैध रूप से बड़ी संख्या में तत्काल Ticket टिकट बुक कर लेते थे, जिससे आम यात्रियों को परेशानी होती थी। आधार OTP की अनिवार्यता से इस तरह की गतिविधियों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
जनरल डिब्बे के Ticket टिकट पर लगेगी सीमा: नई दिल्ली स्टेशन पर ट्रायल जारी
इन बड़े बदलावों के अलावा, भारतीय रेलवे ट्रेनों में चढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भी एक और महत्वपूर्ण फैसला लेने की तैयारी कर रहा है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इसका पायलट प्रोजेक्ट का ट्रायल चल रहा है। इस पायलट प्रोजेक्ट के मुताबिक, अनारक्षित (जनरल) कोच में अब केवल 150 यात्रियों को ही टिकट मिलेगा।
इस ट्रायल के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो केवल उन ट्रेनों के Ticket टिकटों की गिनती करता है जो अगले तीन घंटे में चलने वाली हैं। अगर यह ट्रायल सफल रहा, तो इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि महाकुंभ के दौरान फरवरी में नई दिल्ली स्टेशन पर एक हादसा हो गया था, जिसके बाद स्टेशन पर भीड़ नियंत्रण के लिए कई कदम उठाए गए हैं। फिलहाल, अनारक्षित Ticket टिकटों की बिक्री को सीमित करने के लिए कोई नियम नहीं है, और कई बार अनारक्षित कोच में 350 से भी ज़्यादा यात्री घुस जाते हैं, जिससे अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं।

150 अनारक्षित टिकटों का नियम और इसका प्रभाव
अगर यह प्रयोग सफल होता है, तो प्रत्येक अनारक्षित कोच में सिर्फ 150 Ticket टिकट जारी होंगे। इसके अलावा, बीच के स्टेशनों पर कोच की क्षमता के अनुसार केवल 20% टिकट ही जारी हो सकेंगे। इसे एक उदाहरण से समझें तो, अगर एक ट्रेन में चार कोच अनारक्षित हैं, तो उस ट्रेन के लिए केवल 600 टिकट ही जारी हो सकेंगे।
यह नया सॉफ्टवेयर केवल अगले तीन घंटे में चलने वाली ट्रेनों के अनारक्षित टिकटों की गिनती करेगा। उदाहरण के लिए, यदि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पटना के लिए अगले तीन घंटे में चार ट्रेनें रवाना होने वाली हैं, और प्रत्येक ट्रेन में चार अनारक्षित डिब्बे हैं, तो कुल 16 कोच के लिए Ticket टिकट जारी होंगे। इनकी संख्या 2400 से ज़्यादा नहीं होगी, जिसके बाद जनरल Ticket टिकट बनना बंद हो जाएंगे।
थर्ड एसी यात्रियों को मिलेगी राहत
इस नए नियम से थर्ड एसी (3A) के यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अक्सर देखा जाता है कि अनारक्षित टिकट वाले यात्री भीड़ के कारण थर्ड एसी कोच में घुस जाते हैं, जिससे इन यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सोशल मीडिया पर आए दिन ऐसी तस्वीरें वायरल होती हैं जिनमें थर्ड एसी कोच जनरल कोच में तब्दील होते दिखते हैं। अनारक्षित Ticketsटिकटों की संख्या सीमित होने से थर्ड एसी कोच में भीड़ कम होगी, जिससे इन यात्रियों को एक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
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