‘अटल वन’ की स्थापना: Environment पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण हरियाली को नई सौगात
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की तहसील तरबगंज के ग्राम मरगूबपुर में Environment पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ग्राम विकास विभाग और वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “अटल वन” की स्थापना की गई, जो भविष्य में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देने और जैव विविधता को समृद्ध करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे इस पहल का महत्व और भी बढ़ गया।

प्रेरणादायक पहल और उद्देश्य
“अटल वन” की स्थापना का मुख्य उद्देश्य Environment पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता को बढ़ावा देना और ग्राम स्तर पर हरित क्षेत्र को सुदृढ़ करना है। यह पहल केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका लक्ष्य ग्रामीणों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें इन पौधों की देखभाल के लिए प्रेरित करना भी है।
इस अभियान के अंतर्गत सैकड़ों पौधे लगाए गए, जिनमें पीपल, बरगद, नीम, आम, आंवला, गुलमोहर जैसे विभिन्न प्रजातियों के छायादार और फलदार वृक्ष शामिल हैं। इन पौधों का चुनाव इस प्रकार किया गया है कि वे स्थानीय Environment पर्यावरण के अनुकूल हों और दीर्घकालिक लाभ प्रदान कर सकें।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया, जिसने पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक माननीय श्री प्रेम नारायण पांडेय उपस्थित रहे। उन्होंने अपने हाथों से पौधरोपण कर इस वृहद वृक्षारोपण अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
अपने संबोधन में विधायक पांडेय ने “अटल वन” के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह न केवल Environment पर्यावरण को संरक्षित करेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ भविष्य की नींव भी रखेगा। उन्होंने सभी ग्रामीणों से अपील की कि वे इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल को अपना नैतिक कर्तव्य समझें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गोंडा की जिलाधिकारी श्रीमती नेहा शर्मा ने की, जिन्होंने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से पौधों की निगरानी करें ताकि वे स्वस्थ रूप से विकसित हो सकें।
मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन ने “अटल वन” को एक प्रेरणादायी पहल बताते हुए कहा कि यदि हर ग्राम पंचायत इस प्रकार के वन क्षेत्र का निर्माण करे, तो जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। यह विचार अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी एक मार्गदर्शक सिद्ध हो सकता है।
लोक भारती संस्था का सहयोग और व्यापक पौधरोपण
इस अभियान में लोक भारती संस्था का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के जिला संयोजक श्री शारदाकांत पांडेय ने बताया कि उनकी संस्था इस कार्य में तकनीकी सहयोग और जनजागरूकता का दायित्व निभा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण स्तर पर Environment पर्यावरण चेतना को जागृत करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। लोक भारती जैसी संस्थाओं का जमीनी स्तर पर जुड़ना ऐसे अभियानों को सफल बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर विभिन्न प्रकार की वाटिकाएं स्थापित की गईं, जिनमें हरिशंकरी वाटिका, पंचवटी वाटिका, त्रिवेणी वाटिका, औषधीय पौधों की वाटिका, फलदार एवं इमारती वृक्षों की मिश्रित वाटिका, और अलंकृत पौधों की वाटिका शामिल थीं। कुल मिलाकर, इस अभियान के तहत 5100 पौधे रोपित किए गए, जो इस पहल की व्यापकता को दर्शाता है।

सामुदायिक भागीदारी और भविष्य की उम्मीदें
इस भव्य कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी तरबगंज विश्वामित्र, नायब तहसीलदार जयशंकर सिंह, एसडीओ वन विभाग सुदर्शन, ब्लॉक प्रमुख बेलसर, जिला विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव, डीसी मनरेगा जनार्दन प्रसाद, खण्ड विकास अधिकारी बेलसर, ग्राम प्रधान, पंचायत सदस्य, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्कूल के बच्चे, स्वयंसेवी संगठन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सभी ने सामूहिक रूप से पौधरोपण कर इस अभियान को सफल बनाया, जो सामुदायिक भागीदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
“अटल वन” की स्थापना केवल एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह एक जन आंदोलन की शुरुआत है जो Environment पर्यावरण संरक्षण को ग्रामीण स्तर पर एक नई दिशा देगा। यह पहल न केवल स्थानीय पर्यावरण को बेहतर बनाएगी बल्कि ग्रामीणों को Environment पर्यावरण के प्रति अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार भी बनाएगी। यह गोंडा जिले के लिए एक नई पहचान और प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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