Sports राष्ट्रीय खेल दिवस: जब डीपीएस के छात्र और शिक्षक एक साथ मैदान में उतरे

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Sports राष्ट्रीय खेल दिवस: जब डीपीएस के छात्र और शिक्षक एक साथ मैदान में उतरे

 

Sports दिनांक 29 अगस्त 2025 को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस), एनटीपीसी, विद्युत नगर में राष्ट्रीय खेल दिवस को बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया।

यह दिन महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यान चंद सिंह के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष मनाया जाता है, और डीपीएस ने इस अवसर को यादगार बनाने के लिए विभिन्न खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को खेलों के प्रति जागरूक करना और उन्हें शारीरिक तथा मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना था।

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कार्यक्रम का शुभारम्भ और शपथ

कार्यक्रम की शुरुआत एक विशेष शपथ के साथ हुई, जिसमें सभी ने व्यक्तिगत रूप से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का संकल्प लिया। शपथ में यह भी कहा गया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने परिवार और दोस्तों को भी रोज़ाना खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए।

इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम दुआ ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि शपथ को केवल शब्दों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेल हमें अनुशासन, टीम वर्क और हार-जीत को स्वीकार करने की भावना सिखाते हैं।

खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियाँ

इस दिन विद्यालय का पूरा परिसर  खेल और ऊर्जा से भरा हुआ था। नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने फन रेस और जिक-जैक रेस में भाग लेकर सभी का मन मोह लिया। बच्चों का उत्साह और उनकी ऊर्जा देखने लायक थी। उन्होंने अपनी दौड़ के दौरान जो जोश दिखाया, उसने सभी दर्शकों का दिल जीत लिया।

छोटे बच्चों की गतिविधियों के बाद, बड़े बच्चों के लिए भी ख़ास आयोजन किए गए। कक्षा 8, 9 और 11 के विद्यार्थियों के बीच एक रोमांचक इंटर-हाउस वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।

इस प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने  खेल के महत्व और शिक्षा में उसकी भूमिका जैसे विषयों पर अपने विचार बेबाकी और आत्मविश्वास के साथ रखे। निर्णायक मंडल ने छात्रों की तर्कशक्ति और उनके वक्तृत्व कौशल की खूब सराहना की। यह प्रतियोगिता दिखाती है कि कैसे खेल दिवस केवल शारीरिक गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक कौशल को भी बढ़ावा देता है।

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कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण शिक्षकों और छात्रों के बीच खेला गया एक क्रिकेट मैच था। इस मैच में दोनों टीमों ने शानदार  खेल भावना का प्रदर्शन किया, जिससे पूरे मैदान में उत्साह और रोमांच का माहौल छा गया।

छात्रों ने अपने शिक्षकों को कड़ी टक्कर दी, और शिक्षकों ने भी अपनी कुशलता का परिचय दिया। मैच ने न केवल खेल प्रेम को बढ़ावा दिया, बल्कि शिक्षकों और छात्रों के बीच के रिश्ते को भी और मजबूत किया। यह एक ऐसा क्षण था जब शिक्षा और खेल दोनों एक साथ मैदान पर दिखे।

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प्रधानाचार्या का संदेश और पुरस्कार वितरण

अपने संबोधन में प्रधानाचार्या श्रीमती पूनम दुआ ने एक बार फिर खेलों के महत्व पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि “खेल हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग हैं। यह सिर्फ हमारे शरीर को ही स्वस्थ नहीं रखते, बल्कि हमारे मानसिक संतुलन और अनुशासन का भी निर्माण करते हैं।” उन्होंने सभी विद्यार्थियों को खेलों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया ताकि वे एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकें।

कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय के समन्वयकों श्री भूपेन्द्र सिंह और श्री धर्मेन्द्र तिवारी के मार्गदर्शन में हुआ। अंत में, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। इस आयोजन ने सभी के मन में एक अमिट छाप छोड़ी और राष्ट्रीय खेल दिवस को सभी के लिए अविस्मरणीय बना दिया।

यह कार्यक्रम यह साबित करता है कि खेल और शिक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं। खेल हमें शारीरिक रूप से मजबूत बनाते हैं, जबकि शिक्षा हमें मानसिक रूप से सशक्त करती है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा मिलता है।

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