Yamuna यमुना सफाई को लेकर सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक, केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे काम

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Yamuna यमुना सफाई को लेकर सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक, केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे काम

दिल्ली, 12 जुलाई 2025:

Yamuna यमुना नदी की बदहाली को दूर करने के लिए केंद्र और दिल्ली सरकार ने कमर कस ली है। शुक्रवार (11 जुलाई, 2025) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में गृह मंत्रालय में Yamuna यमुना की सफाई पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, दिल्ली के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के अधिकारी मौजूद थे।

इस बैठक में Yamuna यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए एक व्यापक मास्टर प्लान पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

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यमुना सफाई को लेकर सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक

 

सीएम रेखा गुप्ता ने साधा पिछली सरकार पर निशाना, Yamuna यमुना को स्वच्छ बनाने का संकल्प

=दिल्ली में 27 साल बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वापसी के बाद, नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना की सफाई को अपनी प्राथमिकता बताया है। बैठक में उन्होंने Yamuna यमुना की मौजूदा हालत को “नाले से भी बदतर” बताते हुए पिछली सरकार पर तीखा हमला बोला।

सीएम रेखा गुप्ता ने सीधे तौर पर केजरीवाल सरकार पर भ्रष्टाचार में लिप्त रहने और विकास के नाम पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने न तो विकास किया और न ही लोगों को कोई सुविधा दी, बल्कि केवल झूठे आश्वासन देकर अपना जीवन निर्वाह किया। रेखा गुप्ता सरकार ने संकल्प लिया है कि अब Yamuna यमुना को एक स्वच्छ नदी का रूप दिया जाएगा।

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सीएम रेखा गुप्ता

गृहमंत्री अमित शाह के कड़े निर्देश: प्रदूषण नियंत्रण पर जोर

गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक में  Yamuna यमुना की सफाई को लेकर कई कड़े निर्देश दिए। उन्होंने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) को “एक्शन मोड” में काम करने का आदेश दिया ताकि यमुना नदी में प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके।

शाह ने विशेष रूप से उन फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया, जो सीधे Yamuna यमुना में प्रदूषण फैला रही हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला दूषित पानी Yamuna यमुना के प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण है। अब नए नियम लागू किए गए हैं कि फैक्ट्रियों से निकलने वाला कचरा सीधे नदी में नहीं जाएगा, बल्कि उसे रीसायकल करके ही छोड़ा जाएगा, ताकि नदी को स्वच्छ बनाया जा सके।

 

पड़ोसी राज्यों की सहभागिता और मास्टर प्लान

अमित शाह ने केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी Yamunaयमुना में रासायनिक कचरा आ रहा है।

ऐसे में Yamuna यमुना की सफाई के लिए इन सभी राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। यह एक साझा जिम्मेदारी है, जिसके लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता है।

बैठक के दौरान, गृह मंत्री ने दिल्ली सरकार को नजफगढ़ नाले और शाहदरा नाले में बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड (BOD) को सुधारने के लिए “एक्शन मोड” में काम करने का निर्देश दिया।

इन दोनों नालों का ड्रोन सर्वे भी कराया जाएगा, जिससे इनकी वास्तविक स्थिति का पता चल सके। उन्होंने ‘राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन’ (NMCG) के तहत यमुना की सफाई के लिए बजट बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

 

2028 तक यमुना को साफ करने का लक्ष्य और STP क्षमता में वृद्धि

Yamuna यमुना की सफाई में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की अहम भूमिका है। दिल्ली में वर्तमान में 37 STP हैं, जिनकी अधिकतम क्षमता एक दिन में 764 MGD (मिलियन गैलन प्रति दिन) नाले के पानी को साफ करने की है।

अमित शाह ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि साल 2028 तक इस क्षमता को बढ़ाकर 1500 MGD तक किया जाए। यह एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य है, जो Yamuna यमुना को वास्तविक रूप से साफ करने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

गृह मंत्री ने हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश, तीनों राज्यों को जहां Yamuna यमुना नदी बहती है, मिलकर काम करने की सलाह दी। उन्होंने आदेश दिया कि STP से Yamuna यमुना में जाने वाला पानी साफ होना चाहिए और उसकी रोजाना जांच भी होनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त, Yamuna यमुना में गिरने वाले नालों के पानी को साफ करने वाले STP की जांच के लिए किसी तीसरी संस्था से ऑडिट करवाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

इस उच्च स्तरीय बैठक से यह स्पष्ट है कि केंद्र और दिल्ली सरकार Yamunaयमुना की सफाई के मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं। यह मास्टर प्लान और कड़े निर्देश आने वाले समय में Yamuna को एक स्वच्छ और अविरल नदी बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

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