बिहार की राजनीति में jitan ram manjhi जीतन राम मांझी की धाक: HAM(S) का दशक और भविष्य की रणनीति

jitan ram manjhi

 

बिहार की राजनीति में जीतन  jitan ram manjhi राम मांझी की धाक: HAM(S) का दशक और भविष्य की रणनीति

बिहार की राजनीति में  jitan ram manjhi जीतन राम मांझी एक ऐसा नाम है, जिन्होंने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई है। हाल ही में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर गया जी शहर के मानपुर में आयोजित कार्यक्रम में जीतन राम मांझी ने अपनी पार्टी के शानदार दस साल के सफर को रेखांकित किया।

इस दौरान उन्होंने न सिर्फ अपनी पार्टी की प्रगति का ब्यौरा दिया, बल्कि बिहार की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी।

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बिहार की राजनीति में जीतन राम मांझी की धाक

राजनीतिक सफर की एक झलक: एक विधायक से केंद्रीय मंत्री तक

jitan ram manjhi जीतन राम मांझी ने अपने संबोधन में 2015 से 2020 तक के अपने चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए पार्टी की लगातार बढ़ती ताकत पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “2015 में जब चुनाव लड़े थे तो एक विधायक थे और फिर जब 2020 में चुनाव लड़े तो चार विधायक हो गए और एक एमएलसी भी हो गया और एक मंत्री भी हो गया।

” यह आंकड़े उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) की बिहार में बढ़ती स्वीकार्यता और प्रभाव को दर्शाते हैं। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी गर्व व्यक्त किया कि वह केंद्र में मंत्री बने हैं, जो उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि कैसे एक छोटे दल ने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।

 

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) का 10वां स्थापना दिवस

गया जी शहर के मानपुर के सुरहरी मोड़ के समीप हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) पार्टी का 10वां स्थापना दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर केक काटा गया और पार्टी के जिला कार्यालय का भी उद्घाटन किया गया।

पार्टी के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री  jitan ram manjhi जीतन राम मांझी ने स्वयं केक काटकर स्थापना दिवस मनाया और फीता काटकर जिला कार्यालय का उद्घाटन किया।

यह आयोजन पार्टी के बढ़ते संगठनात्मक ढांचे और जमीनी स्तर पर अपनी पैठ मजबूत करने के प्रयासों को दर्शाता है। मांझी ने पार्टी के दस साल के सफर को “बेमिसाल” बताया और विश्वास व्यक्त किया कि उनकी पार्टी भविष्य में भी अच्छा काम करेगी। उन्होंने अपनी पार्टी को एक “अनुशासित पार्टी” के रूप में वर्णित किया, जो उसकी कार्यप्रणाली और सदस्यों के समर्पण को दर्शाता है।

 

लोकसभा और विधानसभा चुनावों में सीटों की मांग

राजनीतिक गठबंधनों में सीटों के बंटवारे को लेकर jitan ram manjhi जीतन राम मांझी ने अपनी स्पष्ट राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को दो लोकसभा सीटें और दो राज्यसभा सीटें देने की बात कही गई थी, लेकिन अंततः उन्हें लोकसभा में केवल एक सीट मिली।

हालांकि, उन्होंने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि उन्होंने उस सीट से जीत हासिल की और आज वह केंद्र में मंत्री हैं। यह दर्शाता है कि एक सीट मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी क्षमता साबित की।

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए, मांझी ने ज्यादा से ज्यादा सीटों की मांग की है, जो उनकी पार्टी के बढ़ते जनाधार और बिहार की राजनीति में अधिक प्रभावशाली भूमिका निभाने की आकांक्षा को दर्शाता है। यह भी संकेत देता है कि गठबंधन में रहते हुए भी वे अपने दल के लिए अधिकतम प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहते हैं।

 

बिहार में कानून-व्यवस्था पर मांझी की राय

जब उनसे बिहार में कानून-व्यवस्था (लाइन ऑर्डर) के सवाल पर पूछा गया, तो जीतन राम मांझी ने कहा, “जाकी रही भावना प्रभु जैसी…आज कुछ नहीं है।” उन्होंने विपक्ष पर सिर्फ बातों से लोगों को आंदोलित करने का आरोप लगाया। मांझी ने 2005 के पहले के समय को याद करने की सलाह दी, जब खुलेआम लोगों को मारा-पीटा जाता था और जमीनें हड़प ली जाती थीं।

उन्होंने 2015 के बाद की स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि अब बहुत सारे नियम कानून बन गए हैं, जिससे स्थिति में काफी सुधार हुआ है। उनका इशारा स्पष्ट रूप से राजद के शासनकाल की ओर था, जिसे अक्सर ‘जंगल राज’ कहा जाता था।

उन्होंने ‘जंगल राज’ के आरोपों को सत्ता की ललक वाले लोगों द्वारा फैलाया गया बताया। उन्होंने तर्क दिया कि 14 करोड़ की आबादी वाले राज्य में कहीं न कहीं घटनाएं हो ही जाती हैं और ज्यादातर घटनाएं जातिगत विवादों के कारण होती हैं।

मांझी का यह बयान मौजूदा सरकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति का बचाव करता है और विपक्ष के आरोपों को खारिज करता है। उनका कहना है कि स्थिति में काफी सुधार हुआ है और जो लोग इसे ‘जंगल राज’ कह रहे हैं, वे केवल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा कर रहे हैं।

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HAM(S) का दशक और भविष्य की रणनीति

आगे की राह

jitan ram manjhi जीतन राम मांझी और उनकी पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने पिछले दस वर्षों में बिहार की राजनीति में अपनी एक महत्वपूर्ण जगह बनाई है। एक विधायक से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने तक का उनका सफर प्रेरणादायक रहा है।

पार्टी के स्थापना दिवस पर उनके बयानों से यह स्पष्ट है कि वे भविष्य में भी बिहार की राजनीति में अपनी उपस्थिति और प्रभाव को बढ़ाना चाहते हैं। आने वाले चुनावों में उनकी पार्टी की भूमिका बिहार के राजनीतिक परिदृश्य को और भी रोचक बनाएगी। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) का बढ़ता कद निश्चित रूप से राज्य की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म देगा।

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