भारत का पहला सरकारी अस्पताल-आधारित AI क्लिनिक GIMS ग्रेटर नोएडा में शुरू, ADGHS ने किया ऑनलाइन उद्घाटन
ग्रेटर नोएडा, 2 जनवरी 2026: भारत में स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को नया आयाम देते हुए, भारत सरकार के अतिरिक्त महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएँ (ADGHS) ने गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (GIMS), ग्रेटर नोएडा में देश का पहला सरकारी अस्पताल-आधारित AI क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन किया।

यह क्लिनिक सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) के अंतर्गत स्थापित किया गया है और उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल-आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर सेंटर के माध्यम से शुरू हुआ है। इससे सरकारी अस्पताल के भीतर AI क्लिनिक स्थापित करने वाला यह भारत का पहला उदाहरण बन गया है।
AI क्लिनिक का मुख्य उद्देश्य AI-आधारित हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को वास्तविक क्लिनिकल वातावरण में अपने समाधानों को विकसित करने, परीक्षण करने और प्रमाणित करने का अवसर उपलब्ध कराना है। GIMS के 630+ बेड वाले अस्पताल में यह क्लिनिक कार्यरत होगा, जिससे नवाचार सीधे मरीजों और चिकित्सकों तक पहुंच सकेगा।

ऑनलाइन उद्घाटन समारोह में देश-विदेश से 100 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें डॉक्टर, AI स्टार्टअप्स, शोधकर्ता, नीति निर्माता और शिक्षाविद शामिल थे। औषधि विभाग (मेडिकल डिवाइसेस), भारत सरकार के संयुक्त सचिव भी मौजूद रहे और उन्होंने इस पहल को चिकित्सा उपकरणों एवं AI-आधारित स्वास्थ्य समाधानों के लिए राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण मंच करार दिया।
GIMS निदेशक ब्रिगेडियर (डॉ.) राकेश कुमार गुप्ता ने कहा:
“यह पहल हेल्थकेयर स्टार्टअप्स के लिए अवसरों की नई शुरुआत है। उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल-आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर के जरिए AI क्लिनिक की शुरुआत समय की मांग है, जिससे नवाचार मरीजों और चिकित्सकों तक सीधे पहुंच सके।
“यह पहल हेल्थकेयर स्टार्टअप्स के लिए अवसरों की नई शुरुआत है। उत्तर प्रदेश के पहले सार्वजनिक अस्पताल-आधारित मेडिकल इनक्यूबेटर के जरिए AI क्लिनिक की शुरुआत समय की मांग है, जिससे नवाचार मरीजों और चिकित्सकों तक सीधे पहुंच सके।
सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन के CEO डॉ. राहुल सिंह ने कहा:
“AI क्लिनिक AI स्टार्टअप्स के लिए एक समर्पित मंच है, जहां वे सरकारी अस्पताल के वास्तविक माहौल में अपने समाधानों को विकसित और प्रमाणित कर सकते हैं।”कार्यक्रम में लंदन के एसेक्स NHS ट्रस्ट से अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ डॉ. शिवकुमार मणिकम (लीड कंसल्टेंट – पीडियाट्रिक रेडियोलॉजी) सहित कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं ने हिस्सा लिया। IIT कानपुर, IIT मद्रास, IIIT लखनऊ जैसे प्रमुख संस्थानों की भागीदारी ने आयोजन को बहु-विषयक और वैश्विक स्वरूप प्रदान किया।
प्रतिभागियों ने उत्तर प्रदेश सरकार की इस दूरदर्शी पहल की सराहना की और इसे पूरे देश के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया। ऑनलाइन उद्घाटन के बाद 6 जनवरी 2026 को प्रस्तावित भौतिक (फिजिकल) लॉन्च को लेकर स्टार्टअप्स और चिकित्सकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
यह AI क्लिनिक क्लिनिकल AI, मेडिकल इमेजिंग, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, वर्कफ्लो ऑप्टिमाइजेशन, पेशेंट सेफ्टी और डेटा-आधारित स्वास्थ्य समाधानों पर केंद्रित रहेगा, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में AI का सुरक्षित, नैतिक और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा। GIMS इस क्षेत्र में उत्तर प्रदेश और पूरे देश के लिए एक नया मानक स्थापित कर रहा है।
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