60वां IHGF दिल्ली मेला – ऑटम 2025 का चौथा दिन रहा ऊर्जा से भरपूर 13–17 अक्टूबर 2025, इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा, 16 अक्टूबर 2025: 60वें IHGF आईएचजीएफ दिल्ली मेला-ऑटम 2025 का चौथा दिन ऊर्जा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 13 से 17 अक्टूबर तक चल रहे इस मेले में विदेशी खरीदारों, क्रय एजेंसियों और घरेलू थोक खरीदारों की बढ़ती भागीदारी देखी गई। मेले में भारत के प्रमुख निर्यात बाजारों से खरीदारों ने रजिस्ट्रेशन कराया, नए व्यावसायिक संपर्क स्थापित हुए और पुराने संबंधों को नया जीवन मिला। कई ऑर्डर पूरे हुए, जबकि कुछ को शो के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।

‘ग्रेटर ईपीसीएच के लिए मंथन’ सत्र: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने ‘विज़न 2035’ तैयार करने के लिए ‘मंथन’ सत्र का आयोजन किया। इस इंटरैक्टिव सत्र में निर्यातकों, खरीदारों और हितधारकों ने नए बाजारों, डिजिटल सेवाओं, स्थायित्व, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सक्षमता पर विचार-विमर्श किया। ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि इस सत्र में उद्योग के अग्रणी व्यक्तियों, पूर्व अध्यक्षों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। ईपीसीएच के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने 3.9 बिलियन डॉलर से 9 बिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की दिशा में रणनीतिक रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें क्लस्टर मॉड्यूल, डिजिटल सक्षमता और युवा पीढ़ी की भागीदारी पर जोर दिया गया।

मंत्रियों और गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति: भारत सरकार के केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने मेले का दौरा किया। उन्होंने प्रदर्शनी की सराहना की और प्रदर्शकों को बधाई दी। मेले में हरियाणा और पंजाब उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति श्रीमती मंजरी नेहरू कौल, राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार कटारिया, वस्त्र मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी शिरकत की।

अजय शंकर स्मृति पुरस्कार: मेले में 14 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्टैंड डिज़ाइन और डिस्प्ले के लिए पुरस्कार प्रदान किए गए। मेसर्स बोथरा इंटरनेशनल, जोधपुर के नरेश बोथरा को उद्योग एंबेसडर के रूप में और श्री करण पटेल को नेक्स्ट-जेन युवा उद्यमी श्रेणी में सम्मानित किया गया।

सेमिनार और नवाचार: ‘बेस्ट प्रैक्टिसेस यूज्ड बाय अदर कॉम्पेटेटिव मार्केट्स’ विषय पर आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने लागत नियंत्रण, गुणवत्ता, और स्थायित्व पर चर्चा की। ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर.के. वर्मा ने बताया कि मेले में लैम्प्स, होम टेक्सटाइल्स, फैशन ज्वेलरी, सस्टेनेबल उत्पाद सहित विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए।

ईपीसीएच का योगदान: ईपीसीएच भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3.918 बिलियन डॉलर) रहा।
यह मेला भारतीय हस्तशिल्प की उत्कृष्टता और नवाचार को प्रदर्शित करने का एक शानदार मंच साबित हो रहा है, जो वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को और मजबूत कर रहा है।
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