इस दिवाली कार खरीदना हो सकता है सस्ता: GST जीएसटी कटौती से कितनी बदलेगी कीमत?
अगर आप इस दिवाली नई कार खरीदने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद अच्छी खबर है। केंद्र सरकार गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) के ढांचे में बड़े बदलाव की योजना पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में टैक्स संरचना को सरल और आम लोगों के हित में बनाने की बात कही थी, जिसके बाद से ही यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या इसका सीधा असर कारों की कीमतों पर भी पड़ेगा। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो दिवाली तक आपको अपनी पसंदीदा कार पर भारी बचत मिल सकती है।
आइए समझते हैं कि इस संभावित GST जीएसटी कटौती से अलग-अलग सेगमेंट की कारों पर क्या असर पड़ सकता है।

छोटी कारों पर सबसे ज़्यादा राहत: 29% से 18% तक का सफर
फिलहाल, छोटी कारों (हैचबैक) पर 28% GST जीएसटी लगता है, और इसके साथ ही एक अतिरिक्त सेस भी लगता है, जिससे कुल टैक्स 29% तक पहुंच जाता है। लेकिन, अब एक नए प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है, जिसके तहत छोटी कारों को सीधे 18% GST जीएसटी स्लैब में लाया जा सकता है।
यह बदलाव उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा जो 4 मीटर से छोटी और 1200cc तक के इंजन वाली पेट्रोल, CNG या LPG कार खरीदने की योजना बना रहे हैं।
यदि यह प्रस्ताव GST जीएसटी काउंसिल में पारित हो जाता है, तो दिवाली तक इन कारों की कीमत में बड़ी कटौती देखने को मिल सकती है। कम कीमत होने से बाज़ार में डिमांड बढ़ेगी, और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी तेज़ी आएगी।

एसयूवी और लग्जरी कारों पर असर: क्या होगा नया टैक्स स्लैब?
अगर हम एसयूवी (SUV) और बड़ी गाड़ियों की बात करें, तो इन पर मौजूदा टैक्स रेट 43% से 50% तक है। नई प्रस्तावित व्यवस्था में, इन गाड़ियों को 40% के स्पेशल स्लैब में डाला जा सकता है।
इसका मतलब है कि एसयूवी और लग्जरी कारों पर उतनी बड़ी राहत तो नहीं मिलेगी, लेकिन टैक्स की गणना पहले से ज़्यादा सरल और पारदर्शी हो जाएगी। यह बदलाव टैक्स सिस्टम की जटिलताओं को कम करेगा और खरीदारों के लिए भी टैक्स की संरचना को समझना आसान बनाएगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों की स्थिति: कोई बदलाव नहीं, सब्सिडी जारी
जहां तक इलेक्ट्रिक वाहनों का सवाल है, वहां किसी भी तरह के बदलाव की संभावना नहीं है। इस समय इलेक्ट्रिक वाहनों पर केवल 5% जीएसटी लगता है, और सरकार की योजना इसे भविष्य में भी बनाए रखने की है।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की सरकार की नीति के कारण, इन वाहनों पर खरीदारों को कोई अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। यह कदम इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को और बढ़ावा देगा और प्रदूषण कम करने में भी मदद करेगा।

टैक्स सिस्टम को सरल बनाने का लक्ष्य
सरकार का मुख्य उद्देश्य टैक्स प्रणाली को सरल बनाना है। प्रस्तावित योजना के तहत, पूरे टैक्स सिस्टम को केवल दो मुख्य स्लैब (5% और 18%) में समेटा जा सकता है। इसके अलावा, कुछ चुनिंदा लग्जरी सामानों और सिगरेट जैसी वस्तुओं पर 40% का विशेष टैक्स लगाया जाएगा।
इस सरलीकरण से टैक्स से जुड़ी सभी उलझनें खत्म हो जाएंगी, खासकर गाड़ियों के मामले में जहां इंजन की क्षमता या लंबाई के आधार पर अलग-अलग टैक्स लगता था। इस बदलाव से न केवल ग्राहकों को फायदा होगा, बल्कि ऑटोमोबाइल उद्योग की वृद्धि में भी तेज़ी आएगी, जिससे अर्थव्यवस्था को सकारात्मक गति मिलेगी।

क्या है अगला कदम? इस प्रस्ताव पर 21 अगस्त को मंत्रियों की समिति चर्चा करेगी। इसके बाद, सितंबर में होने वाली GST जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो इस दिवाली सचमुच कार खरीदना एक बहुत ही किफायती सौदा साबित हो सकता है।

