Rain राजस्थान में भारी बारिश के कारण बरपा कहर कई जिलों मे किया गया अलर्ट जारी
पूर्वी राजस्थान में हो रही बारिश की वजह से इस इलाके में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. भारी बरसात से कई गांव में जलभराव बड़ी समस्या बन गई है। भरतपुर में जिला मुख्यालय से लगभग 8 किलोमीटर दूर करीब आधा दर्जन गांवों में बरसात से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं. गांव के अंदर और बाहर जलभराव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. गांव में कई फुट तक पानी भरा हुआ है. वहीं, खेत की फसल नष्ट हो गई है।

जलभराव की वजह से गांव के लोग अपने घरों में कैद रहने के लिए मजबूर हैं. परिजन बच्चों को गोदी और कंधों पर बैठाकर पानी को पार करते हुए स्कूल छोड़ने जाते हैं. कामकाजी लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिमी राजस्थान में मौसम शुष्क बना रहेगा। आगामी 5 से 6 दिनों तक यहां केवल कुछ छिटपुट स्थानों पर ही हल्की बारिश हो सकती है। अधिकांश भागों में गर्मी और उमस का दौर जारी रहेगा।
पिछले चौबीस घंटे में मौसम विभाग के अनुसार, सर्वाधिक वर्षा धौलपुर जिले के सर्मथुरा में 60.0 मिमी दर्ज की गई। वहीं, अधिकतम तापमान फलोदी में 37.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सिरोही में 20.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज सुबह 08:30 बजे के पर्यवेक्षण में राज्य के अधिकांश हिस्सों में आर्द्रता 48 से 89 प्रतिशत के बीच पाई गई।

Rain भरतपुर के कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात
भरतपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव बराखुर, नगला लोधा, केवल का नगला सहित आधा दर्जन गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं. क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और गोवर्धन ड्रेन के द्वारा यमुना का पानी क्षेत्र में आ रहा है. जिससे क्षेत्र में जलभराव हो गया है और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है.

भरतपुर के कई गांवों में फसलें नष्ट
ग्रामीणों को दूसरी जगहों पर मेहनत मजदूरी कर अपना जीवन यापन करना पड़ रहा है क्योंकि उनकी फसल पूर्ण रूप से नष्ट हो गई है।ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाईं मगर राहत नहीं मिल सकी है. लोगों का कहना है कि गांव के अंदर और बाहर कई फुट पानी भरा हुआ है. गांव के लोग घरों से नहीं निकल पा रहे हैं. कुछ लोग बच्चों को ट्रैक्टर ट्रॉलियों में बैठाकर स्कूल तक पहुंचाते हैं और जब छुट्टी होती तो ट्रैक्टर ट्राली से लेकर आते हैं।
Rain जलभराव की वजह से फैल रही हैं बीमारियां
ग्रामीणों का ये भी कहना है कि लगातार जलभराव की समस्या से बीमारियां भी फ़ैल रही हैं और जहरीले कीड़े भी निकल रहे हैं. लोगों को पानी से होकर बाजार जाना पड़ता है और अपनी गाड़ियों को गांव के बाहर ही खड़ी करनी पड़ती है. गांव के स्वास्थ्य केंद्र और सरकारी स्कूल भी पानी से भरे हुए हैं. गांव वालों के लिए निकलने के लिए भी रास्ता नहीं है।
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