गाजियाबाद Police पुलिस की बड़ी सफलता: मुठभेड़ में पकड़े गए मानसी ज्वैलर्स लूट के आरोपी
गाजियाबाद पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लिंक रोड थाना क्षेत्र में हुई मानसी ज्वैलर्स लूट की घटना का खुलासा किया है. लूट को अंजाम देने वाले दो शातिर लुटेरे Police पुलिस मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए हैं.
इन बदमाशों ने ‘SWIGGY’ और ‘BLINKIT’ की डिलीवरी ड्रेस पहनकर इस वारदात को अंजाम दिया था, ताकि किसी को उन पर शक न हो.
यह घटना Police पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसका सफलतापूर्वक अनावरण किया गया है.
कैसे हुआ एनकाउंटर?
यह पूरा मामला 24 जुलाई 2025 को शुरू हुआ, जब थाना लिंक रोड क्षेत्र में स्थित मानसी ज्वैलर्स में हथियार दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया गया.
लुटेरों ने डिलीवरी एग्जीक्यूटिव की यूनिफॉर्म पहन रखी थी, जिससे दुकान मालिक ने उन्हें आसानी से अंदर आने दिया. इस घटना के बाद, उच्च अधिकारियों ने तुरंत घटना के अनावरण के लिए कई टीमों का गठन किया.
31 जुलाई 2025 को, Police पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इस घटना से जुड़े दो बदमाश एक चोरी की मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहन नगर होते हुए दिल्ली जाने वाले हैं.
इस सूचना पर डीसीपी ट्रांस हिंडन, स्वाट टीम, और थाना लिंक रोड पुलिस ने वसुंधरा फ्लाईओवर के नीचे घेराबंदी कर दी.
जब मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति वहां से गुजरे, तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया. लेकिन Police पुलिस को देखते ही वे घबरा गए और रॉन्ग साइड भागने का प्रयास किया, जिससे उनकी बाइक फिसल गई और वे गिर गए.
खुद को घिरा देख, बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाश घायल हो गए और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
शातिर लुटेरों की पहचान और आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए बदमाशों की पहचान कपिल कुमार (34) और मनीष उर्फ मोनू (30) के रूप में हुई है. कपिल लोनी बॉर्डर का निवासी है, जबकि मनीष मूल रूप से मेरठ का रहने वाला है और फिलहाल लोनी बॉर्डर में रहता है.
Police पुलिस मुठभेड़ में कपिल के दोनों पैरों में और मनीष के दाहिने पैर में गोली लगी है. उन्हें तुरंत मेडिकल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया.
पूछताछ में पता चला कि ये दोनों बेहद शातिर अपराधी हैं और इनका दिल्ली-एनसीआर में एक लंबा आपराधिक इतिहास है.
इनके खिलाफ लूट, हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज हैं. इन बदमाशों ने Police पुलिस को बताया कि उन्होंने इस लूट की योजना अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बनाई थी.
कैसे की थी लूट की प्लानिंग?
बदमाशों ने बताया कि उन्होंने लूट को अंजाम देने के लिए खास तौर पर ‘SWIGGY’ और ‘BLINKIT’ की यूनिफॉर्म का इस्तेमाल किया था. उनके एक साथी अभिषेक ने उन्हें ये ड्रेस उपलब्ध कराई थी, जिससे वे ज्वैलरी शॉप को खाने का ऑर्डर देने के बहाने आसानी से खुलवा सकें.
घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी चोरी की थी, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी.
लूट को अंजाम देने के बाद, बदमाशों ने सोने-चांदी के जेवरात बेचने के लिए हरिद्वार और बिहार के समस्तीपुर में संपर्क किया. पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए जेवरात के साथ-साथ जेवरात बेचकर प्राप्त हुए ₹50,000 की नकदी भी बरामद की है.
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इन बदमाशों ने वर्ष 2023 में दिल्ली के फर्श बाजार में भी इसी मॉडस ऑपरेंडी (Modus Operandi) से लूट की वारदात को अंजाम दिया था. Police पुलिस टीम अब इनके अन्य फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
Police पुलिस ने बदमाशों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- ₹50,000/- नकद
- सोने और चांदी के जेवरात (लगभग 40 ग्राम सोना और 2 किलो चांदी)
- 02 अवैध देशी तमंचे
- 02 जिंदा कारतूस और 04 खोखा कारतूस
- चोरी की मोटरसाइकिल, जिस पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगी थी.
गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ अन्य वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है और पुलिस आगे की जांच में जुटी है.
यह सफल कार्रवाई स्वाट टीम कमिश्नरेट गाजियाबाद, स्वाट टीम ट्रांस हिंडन जोन और थाना लिंक रोड Police पुलिस के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है, जिसने न सिर्फ एक बड़ी घटना का अनावरण किया, बल्कि भविष्य में होने वाली ऐसी वारदातों पर भी अंकुश लगाया है.
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