निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर विशिष्ट दुकानों से सामान खरीदने के दबाव को लेकर जिला प्रशासन का सख्त रुख
Gautam budh nagar: जनपद के निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और अभिभावकों पर विशिष्ट दुकानों से सामान खरीदने के दबाव को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार, 07 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में संपन्न हुई ‘जिला शुल्क नियामक समिति’ की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
फीस वृद्धि की सीमा 7.23 प्रतिशत निर्धारित
बैठक में उत्तर प्रदेश स्ववित्त पोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 के प्रावधानों के तहत निर्णय लिया गया कि शैक्षिक सत्र 2026-2027 के लिए स्कूल पिछले वर्ष के मुकाबले सी.पी.आई+5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके आधार पर इस वर्ष फीस वृद्धि की अधिकतम सीमा 7.23 प्रतिशत (Fee Hike) निर्धारित की गई है। सभी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर बढ़ी हुई फीस का विवरण अपलोड करना अनिवार्य होगा।
किताबों और ड्रेस के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे स्कूल
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी विद्यालय छात्र-छात्राओं या अभिभावकों को किताबें, ड्रेस, जूते और मोजे किसी विशिष्ट दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। साथ ही, स्कूलों को एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों को प्राथमिकता देने और हर साल पुस्तकें न बदलने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों के अनुसार, स्कूल प्रबंधन 5 साल से पहले स्कूल ड्रेस (School Uniform) के डिजाइन में बदलाव नहीं कर पाएगा।

स्विमिंग पूल और सुरक्षा के कड़े नियम
बैठक में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। निर्देश दिया गया कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति या एनओसी के स्विमिंग पूल का संचालन नहीं होगा। जहाँ अनुमति प्राप्त है, वहाँ लड़कों के लिए पुरुष कोच और लड़कियों के लिए महिला कोच की नियुक्ति अनिवार्य है।
शिकायत के लिए जारी हुई ई-मेल आईडी
यदि कोई स्कूल निर्धारित सीमा से अधिक फीस वसूलता है या नियमों का उल्लंघन करता है, तो अभिभावक अपनी शिकायत जिला शुल्क नियामक समिति की आधिकारिक ई-मेल आईडी feecommitteegbn@gmail.com पर दर्ज करा सकते हैं।

नियम तोड़ने पर भारी जुर्माने का प्रावधान
अधिनियम के उल्लंघन पर समिति ने सख्त शास्तियाँ (Penalties) तय की हैं:
प्रथम उल्लंघन: अधिक ली गई फीस वापसी के साथ 1 लाख रुपये तक का अर्थदण्ड।
द्वितीय उल्लंघन: अधिक फीस वापसी के साथ 5 लाख रुपये का अर्थदण्ड।
तृतीय उल्लंघन: स्कूल की मान्यता या संबद्धता वापस लेने की संस्तुति।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह, मुख्य कोषाधिकारी शिखा गुप्ता सहित समिति के अन्य सदस्य और अभिभावक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले संस्थानों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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