Farmers किसानों का धरना स्थगित: यमुना प्राधिकरण ने 15 सितंबर तक समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

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Farmers किसानों का धरना स्थगित: यमुना प्राधिकरण ने 15 सितंबर तक समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन

बस्ती, उत्तर प्रदेश

 

यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) और भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के बीच हुई एक महत्वपूर्ण वार्ता के बाद, Farmers किसानों ने अपना Strike धरना प्रदर्शन 15 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है।

यह निर्णय तब लिया गया जब YEIDA के अधिकारियों ने किसानों की विभिन्न मांगों को 15 सितंबर तक पूरा करने का आश्वासन दिया। यह धरना Farmers किसानों द्वारा लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर आयोजित किया गया था, जिसमें भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दे शामिल थे।

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क्या हुआ वार्ता में?

 

आज, 1 सितंबर को भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज के नेतृत्व में Farmers किसानों ने YEIDA कार्यालय के सामने धरना दिया। इस धरने में बड़ी संख्या में किसान और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें ओमवीर सिंह भाटी, उदयभान, प्रताप नागर, अहमद खां, नरसिंह पाल मीणा, अशोक तोमर, गज़ब सिंह, महेंद्र सिंह, और सगीर खां जैसे प्रमुख नेता शामिल थे।

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Farmers किसानों की समस्याओं पर चर्चा करने के लिए YEIDA की ओर से एक उच्च स्तरीय टीम पहुंची। इस टीम में अजय शर्मा (ओएसडी), बीपी सिंह (प्रोजेक्ट मैनेजर), सुभाष चन्द्र (प्रोजेक्ट मैनेजर), और विशेष जे.ई. के साथ-साथ जेवर कोतवाल और एसीपी रबूपुरा भी शामिल थे। अधिकारियों और किसानों के बीच यह गहन चर्चा दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे तक चली।

वार्ता के दौरान, किसानों ने अपनी सभी मांगों को विस्तार से अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने Farmers किसानों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें जल्द से जल्द हल करने का आश्वासन दिया।

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Farmers किसानों की मुख्य मांगें और प्राधिकरण का आश्वासन

 

Farmers किसानों की कई महत्वपूर्ण मांगें थीं, जिनमें सबसे प्रमुख निम्नलिखित हैं:

  • उचित मुआवजा और भूमि अधिग्रहण: किसान लंबे समय से अपनी अधिग्रहित भूमि के लिए उचित मुआवजे और बेहतर पुनर्वास पैकेज की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया और इसे प्राथमिकता के आधार पर हल करने की बात कही।
  • स्थानीय विकास कार्य: किसानों ने अपने गाँवों में मूलभूत सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली और पानी की कमी को लेकर शिकायत की। प्राधिकरण ने इन समस्याओं का जल्द समाधान करने का वादा किया है।
  • रोजगार के अवसर: किसानों की मांग थी कि प्राधिकरण द्वारा विकसित की जा रही परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएँ। इस पर भी अधिकारियों ने विचार करने और उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
  • जेबीएम यूनिवर्सिटी द्वारा जल दोहन: Farmers किसानों ने जेबीएम यूनिवर्सिटी पर भूजल के अवैध दोहन का आरोप लगाया। यह एक गंभीर पर्यावरणीय मुद्दा है जिस पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जल दोहन को रुकवाने का आश्वासन दिया। यह आश्वासन किसानों के लिए एक बड़ी जीत मानी जा रही है।

क्या है आगे की रणनीति?

अधिकारियों के आश्वासन के बाद, भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने सर्वसम्मति से धरना समाप्त करने और YEIDA को अपनी समस्याओं को हल करने के लिए 15 सितंबर तक का समय देने का फैसला किया। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज ने कहा कि यदि 15 सितंबर तक अधिकांश समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो किसान फिर से अपनी रणनीति पर विचार करेंगे।

यह घटना दिखाती है कि संवाद और शांतिपूर्ण चर्चा से बड़ी से बड़ी समस्याओं का हल निकाला जा सकता है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने Farmers किसानों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाया, जिससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाल हुआ। अब सबकी नजरें 15 सितंबर की समय सीमा पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि क्या प्राधिकरण अपने वादों को पूरा करता है या नहीं।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसान अपनी समस्याओं के लिए एकजुट हैं और अपने हक की लड़ाई के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। प्राधिकरण के लिए यह एक मौका है कि वे किसानों की समस्याओं का समाधान करके क्षेत्र में विकास और शांति का मार्ग प्रशस्त करें।

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