फर्जी आईएसओ ISO सर्टिफिकेट रैकेट का पर्दाफाश, बिसरख पुलिस ने 6 ठगों को दबोचा

ISO

फर्जी आईएसओ ISO सर्टिफिकेट रैकेट का पर्दाफाश, बिसरख पुलिस ने 6 ठगों को दबोचा

ग्रेटर नोएडा, 10 जुलाई 2025: बिसरख पुलिस ने फर्जी आईएसओ ISO सर्टिफिकेट और ब्रांडिंग के नाम पर कंपनियों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो सेक्टर-63 क्षेत्र में डिस्ट्रीबयूटर चैनल (भारत का डिस्ट्रीब्यूटर) नाम से एक कम्पनी बनायी थी, जिसमे वो भिन्न-भिन्न कम्पनी के प्रोडक्ट ओनर को उनके उत्पाद को जल्दी और अधिक मात्रा में बिकवाकर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर विक्रेताओ व उत्पादक निर्माताओ को प्रलोभित करने हेतु फर्जी डाटा दिखाकर वे अपनी कम्पनी का सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, इन्स्टाग्राम व अन्य प्रकार से विज्ञापन करके विक्रेता/उत्पादको को प्रलोभित  के जरिए पिछले तीन साल से ठगी का धंधा चला रहे थे।

ISO
फर्जी आईएसओ सर्टिफिकेट रैकेट का पर्दाफाश

पुलिस के अनुसार, आरोपी मयंक तिवारी, विकास शर्मा, प्रदीप कुमार यादव, अविनाश गिरी, प्रदीप यादव और केशव कंपनियों को उनके उत्पादों की बिक्री बढ़ाने और मुनाफा कमाने का लालच देकर फर्जी आईएसओ ISO सर्टिफिकेट उपलब्ध कराते थे।

ISO
लैपटॉप,टैब,मोबाइल और फर्जी आईएसओ सर्टिफिकेट बरामद

एक पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस गिरोह को धर दबोचा, जिसने शिकायतकर्ता से 3.28 लाख रुपये ठगे थे। जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने अब तक सैकड़ों लोगों से 68 लाख रुपये की ठगी की है।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 9 लैपटॉप, 9 टैब, मोबाइल फोन और फर्जी आईएसओ ISO सर्टिफिकेट बरामद किए हैं।

ISO
गिरफ्तार आरोपी

सभी आरोपी उच्च शिक्षित हैं, जिनमें बीटेक, एमबीए और एमसीए डिग्री धारक शामिल हैं। ये लोग फर्जी डेटा और दस्तावेजों के जरिए कंपनियों को विश्वास में लेकर ठगी करते थे।

बिसरख पुलिस अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और ठगी के शिकार लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने कंपनियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के सर्टिफिकेट, ISO या ब्रांडिंग ऑफर की सत्यता जांच लें, ताकि भविष्य में ऐसी ठगी से बचा जा सके।

Related posts

Leave a Comment