EMCT द्वारा प्राथमिक विद्यालय, छोटी मिलक में रचनात्मकता का उत्सव, दिया मेकिंग और आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों का सफल आयोजन।

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EMCT द्वारा प्राथमिक विद्यालय, छोटी मिलक में रचनात्मकता का उत्सव, दिया मेकिंग और आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों का सफल आयोजन।

छोटी मिलक, [दिनांक] – बच्चों की निहित रचनात्मकता को उजागर करने और कलात्मक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट (EMCT) ने आज प्राथमिक विद्यालय, छोटी मिलक में एक भव्य दिया मेकिंग और आर्ट एंड क्राफ्ट गतिविधियों के कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया। यह पहल समाज के वंचित और प्रतिभाशाली बच्चों को एक रचनात्मक मंच प्रदान करने तथा उनके आत्मविश्वास को सशक्त बनाने के EMCT के व्यापक मिशन का एक हिस्सा है।

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कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा अपनी कल्पनाशक्ति का उपयोग करते हुए हस्तनिर्मित दीयों और विविध कलाकृतियों का निर्माण करना रहा। इन गतिविधियों में बच्चों ने अद्वितीय उत्साह और समर्पण दिखाया। नन्हे कलाकारों ने मिट्टी के दीयों को मनमोहक रंगों और अलंकरणों से सजाया, जिससे उनके आस-पास एक उत्सव जैसा माहौल बन गया। आर्ट एंड क्राफ्ट सत्र में छात्रों ने कागज़, रंग, और अन्य सामग्री का उपयोग करके ऐसी कलाकृतियाँ बनाईं जो उनकी कल्पना की उड़ान को दर्शाती थीं।

प्रतिभा को प्रोत्साहन और सम्मान

EMCT का मानना है कि प्रोत्साहन से प्रतिभा को नई ऊँचाई मिलती है। इस सिद्धांत का पालन करते हुए, कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को EMCT की ओर से प्रशंसा प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल उनके प्रयासों को मान्यता देता है, बल्कि अन्य बच्चों को भी रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित करता है।

कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के जिन विद्यार्थियों ने अपनी कलाकृति से सभी को प्रभावित किया, उनके नाम निम्नलिखित हैं:

  • कक्षा 1: आर्यन, सिन्टू, अनन्या
  • कक्षा 2: शिवानी, गुंजा, दिव्यानी
  • कक्षा 3: तमन्ना, नीरज, परी
  • कक्षा 4: फरजाना, पूजा, रितिक
  • कक्षा 5: रितिका, ज्योति, रेहान
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प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापक इकरार खान ने EMCT की इस पहल की सराहना की और कहा, “इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के पाठ्यक्रम से इतर कौशल विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। EMCT ने न केवल हमारे बच्चों को एक मंच दिया है, बल्कि उनमें रचनात्मकता के महत्व को भी स्थापित किया है।”

सामुदायिक सहभागिता और भविष्य की प्रतिबद्धता

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और एथोमार्ट चैरिटेबल ट्रस्ट की समर्पित टीम ने बच्चों के उत्साह को बढ़ाया। EMCT टीम से रश्मि पाण्डेय, सरिता सिंह, गरिमा श्रीवास्तव, अमित गिरी, अनूप कुमार सोनी, और राशी अवस्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने व्यक्तिगत रूप से बच्चों से बातचीत की और उनके प्रयासों की सराहना की।

EMCT ने दोहराया है कि समाज के वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने के लिए वे भविष्य में भी इसी तरह की गतिविधियाँ और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे। कला और शिल्प जैसे गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों में ध्यान केंद्रित करने से बच्चों को अपनी भावनाओं को व्यक्त करने और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने का अवसर मिलता है, जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण के लिए महत्वपूर्ण है।

यह सफल आयोजन दिखाता है कि जब समुदाय और गैर-लाभकारी संगठन एक साथ आते हैं, तो वे युवा मस्तिष्कों में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और उन्हें एक उज्जवल भविष्य के लिए तैयार कर सकते हैं। यह कार्यक्रम केवल एक गतिविधि नहीं था, बल्कि छोटी मिलक के बच्चों के लिए अपनी प्रतिभा को पहचानने और आत्मविश्वास से दुनिया का सामना करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।

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