डीएम ने किया पशु कल्याण समिति का गठन

गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने वो कर
दिया, जिसको ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कई सालों से नहीं कर पाया। ग्रेटर नोएडा शहर में कुत्तों का मुद्दा
देखते हुए मनीष कुमार वर्मा ने 5 हाउसिंग सोसाइटियों में पशु कल्याण समिति का गठन किया है।
उनका कहना है कि अन्य सोसाइटियों में भी समिति गठन के जल्द किया जाएगा। ये 6 सदस्यीय टीम
सोसाइटियों में डॉग-पैट से संबंधित समस्याएं सुनेगी और उन्हें दूर करेगी


कुत्तों की वजह से नोएडा कई बार हुए ट्रेंड
दरअसल, शहर में सैकड़ो हाउसिंग सोसायटी हैं। अधिकतर देखा गया है कि आवारा और पालतू कुत्तों को
लेकर निवासी आमने-सामने हो जाते हैं। काफी बार तो पुलिस को विवादों का निपटारा करने के लिए
मैदान में उतरना पड़ता है। हालत यह हो जाती है कि नोएडा डॉग्स के नाम से ट्विटर ट्रेंड करने लगता
है।

आवारा कुत्तों को लेकर ग्रेटर नोएडा और नोएडा की हाउसिंग सोसाइटी में सबसे ज्यादा विवाद होता है।
अधिकतर विवाद आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर होते हैं। बताया जाता है कि अगर कोई आवारा
कुत्ते की खिलाफ कुछ एक्शन लेता है तो पशु प्रेमी इकट्ठा हो जाते हैं। सोशल मीडिया पर खूब
बयानबाजी की जाती है, जिसकी वजह से अधिकारियों की नींद भी खराब होती है।

बदले 3 सीईओ, लेकिन कुछ नहीं हुआ
वैसे तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पूर्व सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने डॉग पॉलिसी बनाई थी, लेकिन वह अभी
तक लागू नहीं हुई है। लोगों ने डॉग पॉलिसी लागू करने की काफी बार मांग की, लेकिन किसी ने ध्यान
नहीं दिया। उसके बाद ऋतु माहेश्वरी का ट्रांसफर हो गया। उनके बाद सुरेंद्र सिंह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण
के सीईओ बने।


पशु कल्याण समिति कैसे करेगी काम
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर 5 हाउसिंग सोसाइटियों में पशु कल्याण समिति का गठन किया
गया है। समिति पशुओं पर होने वाले अत्याचार के अलावा फूड प्वाइंट बनवाने और डाॅग से सबंधित
समेत अन्य समस्याएं दूर कराने का काम करेगी। समिति में पशु पालन विभाग, थाना प्रभारी निरीक्षक,
बिल्डर प्रबंधन का प्रतिनिधि या अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के साथ पशु प्रेमी भी शामिल
होंगे।

समिति की तरफ से आवारा कुत्तों का टीकाकरण, पशु प्रेमी और लोगों के बीच होने वाले झगड़ों के
बीच मध्यस्थता करना समेत कई मुद्दों पर काम किया जाएगा।

Related posts

Leave a Comment