Delhi Fair 60वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला – ऑटम 2025: भारतीय हस्तशिल्प की वैश्विक मंच पर धूम
दिल्ली/एनसीआर, 12 अक्टूबर 2025: विश्व स्तर पर प्रसिद्ध आईएचजीएफ दिल्ली मेला अपने 60वें माइलस्टोन संस्करण ‘ऑटम 2025’ Delhi Fair के साथ 13 से 17 अक्टूबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने जा रहा है। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) द्वारा आयोजित यह मेला भारतीय हस्तशिल्प की विविधता और शिल्प कौशल को वैश्विक खरीदारों के सामने पेश करने का एक अनूठा मंच है।

विशाल प्रदर्शनी और वैश्विक उपस्थिति
इस मेले में 16 हॉलों और 900 से अधिक स्थायी शोरूमों में 3000 से ज्यादा प्रदर्शक हिस्सा लेंगे, जो होम डेकोर, फर्निशिंग, फर्नीचर, फैशन जूलरी, लैंप्स, क्रिसमस सजावट, पर्यावरण अनुकूल उत्पादों, बच्चों के खिलौने और अन्य लाइफस्टाइल उत्पादों सहित 16 श्रेणियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित करेंगे। 110 से अधिक देशों से खरीदारों के आने की उम्मीद है, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील और सऊदी अरब जैसे देश शामिल हैं। मेले में विश्व की जानी-मानी कंपनियां जैसे इफिनिया होम (अर्जेंटीना), कोवा कंपनी लिमिटेड (जापान), और कलालौ, इंक. (यूएसए) भाग लेंगी। इसके अलावा, भारत के प्रमुख रिटेल ब्रांड्स जैसे फैबइंडिया, रिलायंस रिटेल, और शॉपर्स स्टॉप भी इस मेले में शामिल होंगे।’प्रगति की लहर’ थीम के साथ नवाचार और परंपरा का संगम

ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “यह मेला भारतीय हस्तशिल्प की जीवंतता और परंपरा से आधुनिकता की ओर यात्रा का प्रतीक है। ‘प्रगति की लहर’ थीम हमारे कारीगरों की क्षेत्रीय विशेषताओं और वैश्विक मांगों के अनुरूप नवाचार को दर्शाती है।” मेले में थीम आधारित प्रदर्शनियां, लाइव शिल्प प्रदर्शन, नॉलेज सेशन, और सांस्कृतिक अनुभव खरीदारों को समृद्ध अनुभव प्रदान करेंगे। विशेष रूप से बिहार के शिल्पों और पूर्वी क्षेत्र की कला पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में उभरता मेला
ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री सागर मेहता ने बताया कि मेले में प्रदर्शक नवीनतम डिजाइनों और पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के साथ तैयार हैं, जो वैश्विक बाजार की जरूरतों को पूरा करते हैं। मेले में खरीदारों को कस्टमाइज्ड उत्पादों का ऑर्डर देने का अवसर मिलेगा। वहीं, उपाध्यक्ष श्री रोहित ढल ने कहा कि नॉलेज सेशन में ट्रेंड्स, डिजिटलीकरण, और ग्लोबल सप्लाई चेन जैसे विषयों पर चर्चा होगी, जो उद्योग के लिए उपयोगी होगी।30 सालों की शानदार यात्रा
ईपीसीएच के मुख्य संरक्षक डॉ. राकेश कुमार ने कहा, “1994 से शुरू हुआ यह मेला आज वैश्विक सोर्सिंग का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यह भारतीय कारीगरों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देता है।” मेले के व्यापक प्रचार के लिए भारतीय दूतावासों, डिजिटल विज्ञापनों, और सोशल मीडिया का उपयोग किया गया है।आर्थिक योगदान
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा ने बताया कि 2024-25 में हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुंचा। यह मेला न केवल निर्यात को बढ़ावा देता है, बल्कि लाखों कारीगरों की आजीविका को भी समर्थन देता है।
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