current हाई टेंशन करंट की चपेट में आया युवक, मौत:
परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए किया युवक का अंतिम संस्कार:
रबूपुरा। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते मकान के ऊपर से होकर गुजर रही हाई टेंशन लाइन के करंट current की चपेट में आकर एक युवक की मौत का मामला प्रकाश में आया है। घटना के बाद से परिजनों के ग्रामीणों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब 1 वर्ष से आबादी के बीच हाई टेंशन लाइन को हटाए जाने की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाए जा रहे हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

आरोप है कि क्षेत्र में अब तक विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते दर्जन भर हादसे हो चुके हैं बावजूद इसके भी विद्युत विभाग चैन की नींद सोया है। उधर उपखंड अधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जल्द ही समस्या समाधान का आश्वासन दिया है। पुलिस का कहना है कि मामला जानकारी में नहीं है अगर शिकायत मिलती है तो जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी अनुसार गांव आछेपुर निवासी सुंदर का 20 वर्षीय बेटा मनीष शनिवार देर शाम अपने मकान की छत पर टहल रहा था। बताया जाता है कि इसी दौरान वह मकान के ऊपर से होकर गुजर रही हाई टेंशन लाइन current की चपेट में आकर झुलस गया।
आनंन फानन में परिजन उसे ग्रेटर नोएडा के निजी अस्पताल में ले गए जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में गमगीन माहौल है। घटना की सूचना पाकर विद्युत विभाग के उपखंड अधिकारी अजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और हाई टेंशन लाइनों को जल्द ही हटवाए जाने का आश्वासन दिया।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में घनी आबादी के बीच हाई टेंशन लाइन कई मकानों के ऊपर से होकर गुजर रही है। जिसको हटवाने के लिए कई बार संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए जा चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। अगर समय रहते कार्रवाई होती तो युवक की जान नहीं जाती।
आखिर कब सुधरेगा विद्युत विभाग का रवैया – कहने को तो जनपद गौतम नगर हाइटेक जिलों में शुमार है लेकिन यहां की विद्युत व्यवस्था आज भी बद से बदतर है। क्षेत्र में दर्जनों हादसे होने व कई लोगों की मौत के बाद भी विभाग की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
विद्युत समस्याओं को लेकर विभिन्न जगहों पर धरना प्रदर्शन भी होते रहे हैं लेकिन आमजन को आश्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं होता है। और विभाग की कार्यवाही सिर्फ कागजों में ही सिमट कर रह जाती है।

