छांगुर बाबा की ₹100 करोड़ की संपत्ति पर Enforcement Directorate ED का शिकंजा: बेनामी संपत्ति और विदेशी फंडिंग की जांच
लखनऊ, उत्तर प्रदेश:
प्रवर्तन निदेशालय Enforcement Directorate (ED) ने छांगुर बाबा के नाम से मशहूर एक व्यक्ति की ₹100 करोड़ से अधिक की संपत्तियों को कुर्क करने की तैयारी कर ली है। इन संपत्तियों में कई बेनामी संपत्तियां भी शामिल हैं, जिन्हें छांगुर के सहयोगियों, खासकर नीतू और नवीन के नाम पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे खरीदा गया था। कुछ संपत्तियां तो सरकारी जमीनों पर भी बनी हुई हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

13 घंटे की Enforcement Directorate ED की छापेमारी और ज़ब्ती
Enforcement Directorate ईडी की एक पूरी टीम ने गुरुवार रात को उत्तर प्रदेश के उतरौला में 13 घंटे तक चली एक लंबी छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापे मारे और कार्रवाई पूरी कर लौटने से पहले वहां नोटिस भी चस्पा किए। इन नोटिसों में उन सभी चीजों का विस्तृत विवरण है जिन्हें Enforcement Directorate ईडी ने अपने कब्जे में लिया है।
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की एक प्रति बलरामपुर जिला प्रशासन को भी सौंपी गई है। इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक निदेशक पीएमएलए सुधांशु सिंह ने किया, जिसमें प्रवर्तन अधिकारी तरुण कुमार यादव, यूडीसी शम्भू कुमार और सीआरपीएफ 91 बटालियन लखनऊ के जवान शामिल थे।
प्रमुख जब्त दस्तावेजों का ब्योरा
Enforcement Directorate ईडी द्वारा जब्त की गई चीजों की सूची, जिसे एनेक्जर-ए में दर्ज किया गया है, में 25 बिंदुओं पर विभिन्न महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। इनमें से कुछ प्रमुख दस्तावेजों का ब्योरा इस प्रकार है:
- धर्म परिवर्तन संबंधी घोषणाएँ: नीतू, नवीन रोहरा और नवीन घनश्याम रोहरा उर्फ जमालुद्दीन के इस्लाम धर्म स्वीकार करने संबंधी घोषणाएं और शपथ पत्र। इन दस्तावेजों से संभवतः पहचान बदलने या धन के स्रोत को छिपाने के प्रयासों का संकेत मिलता है।
- लेन-देन से जुड़े कागजात: विभिन्न वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेज जो संदिग्ध गतिविधियों को उजागर कर सकते हैं।
- विदेशी फंडिंग के दस्तावेज: ₹106 करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी फंडिंग से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज। यह विदेशी फंडिंग कहां से आई और किस उद्देश्य से इसका उपयोग किया गया, यह जांच का एक प्रमुख बिंदु है।
- बैंक लेन-देन की जानकारी: यूएई के रैक इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, हबीब बैंक एजी ज्यूरिख और एसबीआई सहित अन्य बैंकों में हुए संदिग्ध लेन-देन की विस्तृत जानकारी।
- विदेशी मुद्रा: छापेमारी के दौरान कुछ मात्रा में विदेशी मुद्रा भी बरामद हुई है, जो अवैध लेनदेन का हिस्सा हो सकती है।

भूमि सौदों और व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़ी फाइलें
Enforcement Directorate ईडी को कई भूमि सौदों से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें भी मिली हैं, जो बेनामी संपत्तियों के विशाल नेटवर्क को उजागर करती हैं। इनमें विशेष रूप से शामिल हैं:
- मुंबई के रनवाल ग्रीन्स प्रोजेक्ट से जुड़े ड्राफ्ट सेल डीड और पावर ऑफ अटॉर्नी: ये दस्तावेज मुंबई जैसे बड़े शहर में रियल एस्टेट में किए गए बड़े निवेशों की ओर इशारा करते हैं।
- उतरौला के बुटीक शोरूम के ट्रांसफर का दस्तावेज: एक बुटीक शोरूम, जिसे नीतू रोहरा द्वारा छांगुर बाबा को हस्तांतरित किया गया था, उसका शपथ-पत्र भी ईडी को मिला है। यह व्यापारिक संपत्तियों के हस्तांतरण और स्वामित्व में हेरफेर को दर्शाता है।
- कंपनी रजिस्ट्रेशन और बैंक स्टेटमेंट: कंपनी रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज और विभिन्न बैंक स्टेटमेंट भी जब्त किए गए हैं, जो संदिग्ध कंपनियों के नेटवर्क और वित्तीय गतिविधियों को दर्शाते हैं।
- जमीन खरीद और विदेशी निवेश की रसीदें: ये रसीदें बड़ी मात्रा में जमीन की खरीद और विदेशी निवेश के स्रोतों पर प्रकाश डालती हैं।
यह छापेमारी और आगामी कुर्की की कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्ति संचय के खिलाफ भारत सरकार की सख्त नीति को दर्शाती है। छांगुर बाबा के मामले में, यह जांच न केवल व्यक्तिगत संलिप्तता को उजागर करेगी, बल्कि एक बड़े नेटवर्क को भी सामने ला सकती है जो अवैध गतिविधियों में शामिल है। Enforcement Directorate ईडी की इस कार्रवाई से अवैध रूप से अर्जित धन और संपत्तियों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी, जिससे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को बल मिलेगा।

