लखनऊ में Cardiac patients हृदय रोगियों को अब मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा

Cardiac patients 

लखनऊ में  Cardiac patients हृदय रोगियों को अब मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में  Cardiac patients  हृदय रोगियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं में एक महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार (14 जुलाई) को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में ₹105 करोड़ की लागत से निर्मित अत्याधुनिक कार्डियोलॉजी विंग का उद्घाटन किया.

इस नई इकाई से न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के मरीजों को विश्व स्तरीय हृदय संबंधी उपचार मिल सकेगा, साथ ही लारी-एसजीपीजीआई और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों पर भी इलाज का दबाव कम होगा.

Cardiac patients
हृदय रोगियों को अब मिलेगी बेहतर चिकित्सा सुविधा

मरीजों को नहीं करना होगा इंतजार

लखनऊ में Cardiac patients  हृदय रोगियों के इलाज के लिए लंबे समय से सीमित संसाधनों के कारण मरीजों को अक्सर लंबी प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ता था या उन्हें दूसरे शहरों में रेफर करना पड़ता था. लारी कार्डियोलॉजी में मौजूदा 84 बेड अक्सर पूरी तरह से भरे रहते थे, जिससे गंभीर मरीजों को तत्काल इलाज मिलना मुश्किल होता था.

नई विंग में 92 अतिरिक्त आईसीसीयू (इंटेंसिव कोरोनरी केयर यूनिट) बेड जोड़े गए हैं, जिससे कुल बेड क्षमता बढ़कर 176 हो गई है. यह विस्तार भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि गंभीर Cardiac patients  हृदय रोगियों को समय पर और प्रभावी उपचार मिले.

 

अत्याधुनिक तकनीक से लैस

केजीएमयू की यह नई कार्डियोलॉजी विंग नवीनतम चिकित्सा तकनीक से पूरी तरह सुसज्जित है. इसमें दो स्टेट-ऑफ-द-आर्ट कैथ लैब, एक हाई-एंड इकोकार्डियोग्राफी सिस्टम, छह थ्री-डी इको मशीनें, 96 बेडसाइड मॉनिटर, 120 सिरिंज इन्फ्यूजन पंप, 25 टेंपरेरी पेसमेकर, एक ओसीटी (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) मशीन, और एक टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) मशीन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं. ये उन्नत उपकरण हृदय रोगों के निदान और उपचार को पहले से कहीं अधिक सटीक और प्रभावी बनाएंगे.

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केजीएमयू में ₹105 करोड़ की नई कार्डियोलॉजी विंग का उद्घाटन किया।

एक ही छत के नीचे संपूर्ण सुविधाएं

अब Cardiac patients  हृदय रोगियों को विभिन्न जांच, एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और अन्य जटिल प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग विभागों में भटकना नहीं पड़ेगा.

यह नई विंग वन-स्टॉप सेंटर के रूप में कार्य करेगी, जहां मरीजों को Cardiac patients  हृदय रोग से संबंधित सभी आवश्यक सेवाएं एक ही स्थान पर मिलेंगी. इससे मरीजों और उनके परिजनों को काफी राहत मिलेगी और इलाज की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी.

 

प्रदेशभर के मरीजों को होगा फायदा

केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने बताया कि इस नई विंग से न केवल लखनऊ बल्कि प्रदेशभर के मरीजों को लाभ होगा. अब तक एसजीपीजीआई, लोहिया संस्थान, लारी कार्डियोलॉजी और सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी) विंग पर Cardiac patients   हृदय रोगियों का अत्यधिक दबाव रहता था.

सीमित बेड की वजह से कई मरीजों को अन्य संस्थानों में रेफर करना पड़ता था, लेकिन इस नई विंग के शुरू होने से मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और प्रतीक्षा सूची में भी भारी कमी आएगी.

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मुख्यमंत्री योगी का भविष्य का विज़न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने इस नई कार्डियोलॉजी विंग को प्रदेश के अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के लिए एक मॉडल यूनिट बताया और संकेत दिया कि ऐसी ही उन्नत सुविधाएं अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी विकसित की जाएंगी.

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि यह नई विंग न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि उत्तर प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र को एक नई दिशा देगी. उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर नागरिक को समय पर, सुलभ और विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना है.

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