कुलगाम में Security Forces सुरक्षाबलों का बड़ा ऑपरेशन, तीन आतंकी ढेर; ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत मिली सफलता
जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ Security Forces सुरक्षाबलों की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में, कुलगाम जिले के अखल जंगल में शनिवार को हुई मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया है। यह Security Forces सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी सफलता है, जो क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। इस मुठभेड़ में सेना का एक जवान भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए तुरंत श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में भेजा गया है।

‘ऑपरेशन अखल’ के तहत हुई कार्रवाई
कुलगाम के अखल जंगल में यह मुठभेड़ शुक्रवार शाम को तब शुरू हुई, जब सुरक्षाबलों को इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर, स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने मिलकर ‘ऑपरेशन अखल’ शुरू किया। सर्च ऑपरेशन के दौरान, छिपे हुए आतंकियों ने Security Forces सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई।
Security Forces सुरक्षाबलों ने इस ऑपरेशन में अब तक दो आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि तीसरे आतंकी को भी मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान पुलवामा के हारिस नजीर डार के रूप में हुई है, जो सी-कैटेगरी का आतंकी था। हारिस उन 14 स्थानीय आतंकियों की सूची में शामिल था, जिनके नाम खुफिया एजेंसियों ने 26 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद जारी किए थे। उसके पास से एक AK-47 राइफल, मैगजीन, ग्रेनेड और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी बरामद हुआ है।
पहलगाम हमले के बाद से लगातार जारी है जवाबी कार्रवाई
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद से भारत ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। पाकिस्तान प्रायोजित इस हमले में, आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाया था। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के माध्यम से पाकिस्तान को उसी की जमीन पर करारा जवाब दिया था, जिसमें सभी आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया था। इस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Security Forces सुरक्षाबलों की जमकर सराहना करते हुए कहा था कि भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और “ईंट का जवाब पत्थर से देगा”।
कुलगाम में यह ऑपरेशन भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका नाम ‘ऑपरेशन महादेव’ रखा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि मारे गए आतंकी पहलगाम के बाद कुलगाम में भी हमले की साजिश रच रहे थे।

लगातार तीसरी मुठभेड़, मजबूत होता सुरक्षा चक्र
यह हफ्ता जम्मू-कश्मीर में Security Forces सुरक्षाबलों के लिए काफी सक्रिय रहा है। कुलगाम की यह मुठभेड़ इस हफ्ते की तीसरी बड़ी मुठभेड़ है।
इससे पहले, 28 जुलाई को भी ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत लिडवास के जंगलों में पहलगाम हमले में शामिल तीन आतंकियों को मार गिराया गया था। इसके बाद, 31 जुलाई को पुंछ में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास घुसपैठ की कोशिश कर रहे दो और आतंकियों को ढेर किया गया था।
इन लगातार सफल ऑपरेशनों से यह स्पष्ट है कि सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। खुफिया एजेंसियों और सुरक्षाबलों के बीच बेहतर तालमेल से इन ऑपरेशनों को सफल बनाया जा रहा है।
अखल जंगल में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है, क्योंकि कुछ और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। Security Forces सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई यह सुनिश्चित करती है कि घाटी में शांति और सुरक्षा बनी रहे, और आतंकवादी अपनी नापाक हरकतों में सफल न हो पाएं।
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