Farmer किसान आंदोलन का बड़ा फैसला: 28 अगस्त से रुकेंगे सभी निर्माण कार्य
भारतीय Farmer किसान हमेशा से अपनी ज़मीन के लिए संघर्ष करते रहे हैं, और एक बार फिर, यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आज, 26 अगस्त 2025 को, यह धरना 29वें दिन में प्रवेश कर गया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मास्टर श्यौराज कर रहे हैं, जबकि इसकी अध्यक्षता टीकम सिंह भाटी ने की। किसानों का यह आंदोलन प्राधिकरण से आवासीय प्लॉट और अतिरिक्त मुआवजा हासिल करने के लिए है, जिसका वादा पूरा नहीं किया गया है।

प्रदर्शन का नया चरण: प्रदेशव्यापी ज्ञापन और निर्माण कार्य रोकने की तैयारी
धरने पर मौजूद सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि 27 अगस्त को पूरे उत्तर प्रदेश में प्रदेशव्यापी ज्ञापन दिया जाएगा, जिसके जरिए उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
यदि इसके बाद भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता है, तो 28 अगस्त से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को मौके पर जाकर रोका जाएगा।
किसानों ने साफ शब्दों में कहा है कि चाहे वह कोई भी बिल्डर, यूनिवर्सिटी या फ़िल्म सिटी का काम हो, किसी भी कार्य को नहीं चलने दिया जाएगा।
उनका आरोप है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के लिए ली गई ज़मीन के बदले में प्राधिकरण आवासीय प्लॉट और अतिरिक्त मुआवजा देने का मन नहीं बना रहा है, और न ही प्रशासन उनकी सुध ले रहा है।
यह फैसला दर्शाता है कि किसान अब आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार हैं और अपनी ज़मीन और अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
अधिकारियों का दावा और किसानों का असंतोष
यमुना प्राधिकरण का कहना है कि उन्होंने किसानों की सभी मांगों पर विचार किया है और कुछ मामलों में समाधान भी पेश किया है, लेकिन किसान उन प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं।
किसानों का मानना है कि प्राधिकरण सिर्फ वादे कर रहा है और ज़मीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। इस अविश्वास ने किसानों के बीच आक्रोश को और बढ़ा दिया है, जिससे यह प्रदर्शन और भी उग्र हो रहा है।
पिछले 29 दिनों से Farmer किसान अपनी मांगों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने उन्हें यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। Farmer किसान नेता यह स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक उनकी सभी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
धरने में प्रमुख नेताओं की भागीदारी
आज के धरने में कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने इस आंदोलन को मजबूती प्रदान की। इनमें मास्टर श्यौराज सिंह, ठाकुर ओमवीर सिंह, टीकम सिंह, टीकम भाटी, मटरू प्रधान जी, प्रदीप कुमार, शिवरि, मनवीर सिंह, सचिन, शैलेश कुमार, अहमद सहीद, वकील, सद्दाम, फजर मोहम्मद, अमित गोड, संतवीर, हरद्वारी सिंह, खैमी सिंह, नरेश सिंह, टिंकू भाटी और सुनील भाटी जैसे नेता शामिल थे।
इन सभी नेताओं की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि यह आंदोलन व्यापक समर्थन के साथ आगे बढ़ रहा है और किसान पूरी तरह से एकजुट हैं। यह आंदोलन अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
अब देखना यह है कि क्या सरकार और प्राधिकरण 28 अगस्त से पहले कोई कदम उठाते हैं या फिर किसानों को निर्माण कार्य रोकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह घटनाक्रम न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है, जिस पर सभी की नज़रें टिकी हैं।
ये भी पढ़ें…….

