यमुना Authority प्राधिकरण पर ‘अगस्त क्रांति’ का हल्ला बोल: भ्रष्टाचार और किसानों के शोषण के खिलाफ प्रदर्शन ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश –

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यमुना Authority प्राधिकरण पर ‘अगस्त क्रांति’ का हल्ला बोल: भ्रष्टाचार और किसानों के शोषण के खिलाफ प्रदर्शन

ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास  Authority  प्राधिकरण (यमुना प्राधिकरण) में कथित रूप से बढ़ते हुए भ्रष्टाचार और किसानों की अनदेखी के खिलाफ करप्शन फ्री इंडिया संगठन ने ‘अगस्त क्रांति’ के अवसर पर एक बड़ा प्रदर्शन किया.

संगठन के सदस्यों ने मुख्य रूप से मास्टर दिनेश नागर के नेतृत्व में Authority  प्राधिकरण कार्यालय के सामने “हल्ला बोल” प्रदर्शन किया और अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन ओएसडी अजय शर्मा को सौंपा.

भ्रष्टाचार और शोषण के गंभीर आरोप

 

करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संस्थापक चौधरी प्रवीण भारतीय और प्रेम प्रधान ने यमुना प्राधिकरण पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

उन्होंने कहा कि Authority  प्राधिकरण का उद्देश्य क्षेत्र का विकास कर स्थानीय लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना था, लेकिन बढ़ते हुए भ्रष्टाचार ने इस सपने को तोड़ दिया है.

संगठन ने आरोप लगाया कि:

  1. घटिया सामग्री का इस्तेमाल: Authority  प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे अधिकतर निर्माण कार्यों में घटिया किस्म की सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है. उनका मानना है कि इसका कारण टेंडरों में अधिक कमीशनखोरी है, जिसके चलते ठेकेदार गुणवत्ता से समझौता करते हैं.
  2. किसानों का शोषण: किसानों की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांगें, जैसे 64% अतिरिक्त मुआवजा और 10% प्लॉट, अभी तक पूरी नहीं की गई हैं. संगठन का कहना है कि प्राधिकरण और सरकार के लापरवाह रवैये के कारण किसानों का लगातार शोषण हो रहा है.

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  3. टोल टैक्स: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थानीय किसानों से भी टोल टैक्स वसूला जा रहा है, जिसे चौधरी प्रवीण भारतीय ने किसानों का शोषण बताया.
  4. रिश्वतखोरी का बोलबाला: संगठन ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण के दफ्तरों में लीज पास, टीएम (ट्रांसफर ऑफ मेमोरेंडम) और अन्य कार्यों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और बाबूओं द्वारा रिश्वत की मांग की जाती है.
  5. पारदर्शिता की कमी: संगठन ने यह भी बताया कि Authority  प्राधिकरण के कार्यालय में जन सूचना अधिकारी, अपील अधिकारी, मुख्य सतर्कता अधिकारी और सिटीजन चार्टर से संबंधित महत्वपूर्ण बोर्ड नहीं लगे हैं.
  6. आरटीआई (सूचना का अधिकार) के तहत दिए गए आवेदनों का भी जवाब नहीं दिया जाता है, जिससे पारदर्शिता की कमी उजागर होती है.

Authority  प्राधिकरण कार्यालय में दलालों का वर्चस्व

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि यमुना प्राधिकरण के दफ्तरों में दलालों का बोलबाला है. उनका कहना है कि दलाल ही सभी काम कराते हैं, जिसके लिए मोटी रकम वसूली जाती है. इस स्थिति ने आम लोगों को और भी परेशान कर दिया है.

प्रदर्शन के दौरान चौधरी प्रेमराज भाटी, दिनेश नागर, डॉ. दीपक शर्मा, प्रेम प्रधान, कुलवीर भाटी, राकेश नागर, हरीश भाटी, सुशील प्रधान, यतेंद्र नागर, बालेश्वर नागर, लक्ष्मी पंडित, धीरज नागर,

नीरज भाटी, कमल नागर, ब्रह्म प्रधान, अभिषेक नागर, जितेंद्र, नरेश भाटी, सुनील, हरेंद्र, तीमराज नागर, विजय प्रधान, मोहित अधाना और पवन यादव सहित कई अन्य कार्यकर्ता और किसान नेता मौजूद रहे.

इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यमुना  Authority  प्राधिकरण के कामकाज पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की गई है ताकि भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके और किसानों की समस्याओं का समाधान किया जा सके.

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