अखिलेश यादव का Government सरकार पर निशाना, कहा – शिक्षा पर नहीं, वोट पर है ध्यान

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अखिलेश यादव का  Government सरकार पर निशाना, कहा – शिक्षा पर नहीं, वोट पर है ध्यान

उत्तर प्रदेश में योगी  Government सरकार द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के मर्जर (विलय) के फैसले में हाल ही में किए गए संशोधन ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।

इस संशोधन के बाद अब बड़ी संख्या में स्कूलों का मर्जर नहीं हो सकेगा, और इसे लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  Government सरकार पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है।

अखिलेश यादव ने इस फैसले को ‘पीडीए पाठशाला’ आंदोलन की ‘महाजीत’ करार दिया है, जिससे साफ हो गया है कि शिक्षा के मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है।

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अखिलेश यादव का  सरकार पर निशाना

क्या था स्कूल मर्जर का फैसला?

 

योगी  Government सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के उद्देश्य से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का मर्जर करने का फैसला किया था।

इस फैसले का विरोध करते हुए अखिलेश यादव ने तर्क दिया था कि इससे ग्रामीण और गरीब बच्चों की शिक्षा पर बुरा असर पड़ेगा।

उन्होंने आरोप लगाया था कि Government सरकार इस कदम से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। अखिलेश ने यह भी ऐलान किया था कि जिन स्कूलों को मर्जर के बाद बंद किया जाएगा, वहां समाजवादी पार्टी ‘पीडीए पाठशाला’ चलाएगी। इसी क्रम में सहारनपुर में इस तरह की एक पाठशाला का शुभारंभ भी किया गया था।

 

अखिलेश यादव का Government सरकार पर सीधा हमला

 

योगी  Government सरकार के संशोधन के बाद, अखिलेश यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “स्कूल मर्जर का फैसला वापस लेना ‘पीडीए पाठशाला’ आंदोलन की महाजीत है।

शिक्षा का अधिकार अखंड होता है और रहेगा। शिक्षा विरोधी भाजपा की यह नैतिक हार है।” उन्होंने इसे जनता की जीत बताया और सरकार पर शिक्षा के क्षेत्र में भेदभाव का आरोप लगाया।

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के फैसले को ‘राजनीतिक’ करार दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा  Government सरकार का ध्यान शिक्षा पर नहीं, बल्कि वोटों पर है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने वही स्कूल बंद किए, जहां सपा चुनाव जीतती थी। अखिलेश का कहना था कि भाजपा सरकार गरीबों और पिछड़ों (PDA) से शिक्षा का अधिकार छीनने का प्रयास कर रही है।

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव

शिक्षा के अधिकार और भेदभाव का आरोप

 

अखिलेश यादव ने शिक्षा के अधिकार कानून का हवाला देते हुए कहा कि यह कानून सुनिश्चित करता है कि सभी बच्चों को शिक्षा मिले और स्कूल उनके घर के पास हो। उन्होंने अपनी  Government सरकार के दौरान लखनऊ में बने ‘संस्कृति स्कूल’ का उदाहरण दिया, जिसे भाजपा सरकार ने बंद कर दिया।

अखिलेश ने दावा किया कि समाजवादी  Government सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो बदलाव किए थे, उन्हें इस Governmentसरकार ने रोक दिया है। उन्होंने कहा, “भाजपा का ध्यान शिक्षा पर नहीं है, उसका ध्यान केवल इस बात पर है कि वोट कहाँ पड़ेगा।”

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि “अशिक्षितों के साथ विकसित भारत कैसे बनेगा?” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के लोगों के साथ भेदभाव कर रही है, और इसी कारण समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता ‘PDA पाठशाला’ चला रहे हैं।

अखिलेश यादव ने शिक्षा के मुद्दे को महंगाई और बेरोजगारी जैसे अन्य मुद्दों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि भाजपा  Government सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया है, महंगाई बढ़ रही है, रोजगार नहीं है और सरकार नौकरी नहीं दे रही है।

इस प्रकार, उन्होंने स्कूल मर्जर के फैसले को एक व्यापक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे के रूप में पेश किया है, जिसमें शिक्षा, सामाजिक न्याय और अर्थव्यवस्था जैसे कई पहलू शामिल हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विधानसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा किस तरह से राजनीतिक रंग लेता है और सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है।

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