राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान द्वारा कृषकों की बैठक संपन्न: गोंडा में Agriculture कृषि नवाचार को मिला बढ़ावा
गोंडा, 29 जुलाई 2025:
Agriculture कृषि क्षेत्र में नवाचार और अभिलेखीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत (National Innovation Foundation – India), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक स्वायत्तशासी संस्थान द्वारा आज Agriculture कृषि विज्ञान केंद्र, मनकापुर, गोंडा में एक महत्वपूर्ण कृषक बैठक का आयोजन किया गया।
यह केंद्र आचार्य नरेंद्र देव Agriculture कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के अधीन संचालित होता है। इस बैठक में गोंडा के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रगतिशील कृषकों ने भाग लिया और Agriculture कृषि में नए विचारों व तकनीकों को अपनाने पर गहन चर्चा की।

नवाचार से अधिक आय की संभावनाएँ
बैठक में डॉ. पिंटू हट्टी, परियोजना वैज्ञानिक, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत ने मुख्य रूप से कृषकों द्वारा किए जा रहे नवाचार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसान भाई अपनी खेती में नए-नए प्रयोग और तकनीकें अपनाकर न केवल अपनी उपज बढ़ा सकते हैं, बल्कि इससे अधिक आय भी प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. हट्टी ने इस बात पर जोर दिया कि किसानों के पास अक्सर अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल अनूठी कृषि पद्धतियाँ और फसलों की प्रजातियाँ होती हैं, जिनकी पहचान और अभिलेखीकरण आवश्यक है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत किसानों को अपनी फसलों की प्रचलित स्थानीय प्रजातियों और तकनीकों का पेटेंट कराने में तकनीकी सहायता प्रदान करता है।
यह एक महत्वपूर्ण सुविधा है जो किसानों को उनके नवाचारों का बौद्धिक संपदा अधिकार हासिल करने में मदद करेगी, जिससे उन्हें अपने प्रयासों का उचित मूल्य मिल सकेगा और उनके नवाचारों को एक पहचान मिलेगी।

Agriculture कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका और एक्सपोजर विजिट का महत्व
कृषि विज्ञान केंद्र, मनकापुर, गोंडा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि खेती में नवाचार की पर्याप्त संभावनाएँ हैं। उन्होंने किसानों को एक्सपोजर विजिट के महत्व के बारे में बताया, जिसके माध्यम से किसान देश के कोने-कोने में जाकर कृषि की नई-नई बारीकियों को सीख सकते हैं।
डॉ. वर्मा ने कहा कि इन बारीकियों को अपनी खेती में अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं। एक्सपोजर विजिट किसानों को अन्य सफल किसानों की पद्धतियों, नई तकनीकों और कृषि बाजार की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करती है।

विशेषज्ञों और कृषकों की सक्रिय भागीदारी
इस बैठक में Agriculture कृषि विज्ञान केंद्र के विभिन्न विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और किसानों को बहुमूल्य जानकारी प्रदान की।
इनमें डॉ. डी.के. श्रीवास्तव (वरिष्ठ वैज्ञानिक, पशुपालन), डॉ. अजीत सिंह वत्स (वरिष्ठ वैज्ञानिक, फसल सुरक्षा), डॉ. मनोज कुमार सिंह (उद्यान वैज्ञानिक), डॉ. हनुमान प्रसाद पांडे (मृदा वैज्ञानिक), डॉ. दिनेश कुमार पांडे आदि शामिल थे। इन वैज्ञानिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में Agriculture कृषि नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की और किसानों के सवालों के जवाब दिए।
बैठक में गोंडा के कई प्रगतिशील कृषकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें प्रवीन कुमार सिंह, वी.आर. समग्र जलवायु फल एवं औषधि शोध संस्थान रायपुर के शिवकुमार मौर्य, राजेश कुमार वर्मा, सुनीता यादव, तथा मऊ एवं पचपुती जगतापुर के महिला स्वयं सहायता समूहों के सदस्य शामिल थे।
इन सभी प्रतिभागियों ने कृषि में नवाचार संबंधी नवीनतम जानकारी प्राप्त की और अपने अनुभव साझा किए। महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि वे ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और नवाचारों को जमीनी स्तर तक ले जाने में सहायक होती हैं।

नवाचार आधारित कृषि का भविष्य
यह बैठक राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त प्रयासों का एक सफल उदाहरण है, जो नवाचार आधारित कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस तरह की पहलें किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से अवगत कराती हैं, उन्हें अपनी समस्याओं का स्थानीय समाधान खोजने के लिए प्रेरित करती हैं, और उनकी उपज व आय में वृद्धि सुनिश्चित करती हैं।
Agriculture कृषि में नवाचार को प्रोत्साहन देना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह बैठक गोंडा के किसानों को अपनी खेती में नए प्रयोग करने और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
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