जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का Post पद, अब जल्द होंगे चुनाव 1

Post

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का Post पद, अब जल्द होंगे चुनाव

भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में उपराष्ट्रपति का Post पद अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह पद देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद के रूप में कार्य करता है और राज्यसभा के पदेन सभापति के रूप में विधायिका में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. हाल ही में, मौजूदा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने इस महत्वपूर्ण Post पद को रिक्त कर दिया है, जिसके बाद भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India – ECI) ने नए उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी है. यह एक ऐसी संवैधानिक घटना है जिस पर देश की निगाहें टिकी हुई हैं.

Post
जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपराष्ट्रपति का पद

निर्वाचन आयोग की पहल और संवैधानिक अनिवार्यता

निर्वाचन आयोग ने बुधवार, 23 जुलाई को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की पुष्टि की कि गृह मंत्रालय ने उन्हें 22 जुलाई को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की सूचना दे दी थी. धनखड़ ने 21 जुलाई को अपने पद से इस्तीफे की घोषणा की थी, और अगले ही दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया था.

संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत यह स्पष्ट रूप से अनिवार्य है कि उपराष्ट्रपति का Post पद रिक्त होने के बाद “जल्द से जल्द” चुनाव करवाया जाए. यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद लंबे समय तक खाली न रहे.

इसी संवैधानिक जनादेश का पालन करते हुए, निर्वाचन आयोग ने तत्परता से चुनावी तैयारियों को गति दे दी है और जल्द ही इस महत्वपूर्ण चुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी. यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक निरंतरता और संवैधानिक गरिमा को बनाए रखने के लिए आवश्यक है.

Post
अब जल्द होंगे चुनाव

उपराष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है?

उपराष्ट्रपति का चुनाव एक विशेष ‘निर्वाचक मंडल’ द्वारा किया जाता है. यह निर्वाचक मंडल संसद के दोनों सदनों – लोकसभा (निचला सदन) और राज्यसभा (उच्च सदन) – के सभी सदस्यों को शामिल करता है. इसमें न केवल निर्वाचित सदस्य बल्कि मनोनीत सदस्य भी शामिल होते हैं, जो राष्ट्रपति के चुनाव से एक महत्वपूर्ण अंतर है (राष्ट्रपति के चुनाव में केवल निर्वाचित सदस्य ही मतदान करते हैं). यह समावेशी प्रक्रिया उपराष्ट्रपति के Post पद को संसद के दोनों सदनों के सामूहिक विवेक का प्रतिनिधित्व प्रदान करती है.

नामांकन प्रक्रिया भी काफी विशिष्ट होती है. उपराष्ट्रपति Post पद के उम्मीदवार को अपनी उम्मीदवारी के लिए कम से कम 20 प्रस्तावकों (proposers) और 20 समर्थकों (seconders) का समर्थन प्राप्त करना अनिवार्य है. ये सभी प्रस्तावक और समर्थक निर्वाचक मंडल के सदस्य होने चाहिए

. इसके अतिरिक्त, उम्मीदवार को नामांकन दाखिल करते समय ₹50,000 की जमानत राशि भी जमा करनी होती है. यह सुनिश्चित करने के लिए है कि केवल गंभीर और समर्थित उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में उतरें.

उपराष्ट्रपति Post पद के उम्मीदवार की योग्यताएँ

भारत के उपराष्ट्रपति Post पद के लिए उम्मीदवार को कुछ निश्चित संवैधानिक योग्यताओं को पूरा करना होता है:

  1. भारत का नागरिक: उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना अनिवार्य है.
  2. आयु: उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए.
  3. राज्यसभा सदस्य की योग्यता: उसे राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखनी चाहिए. इसका अर्थ है कि उसके पास वे सभी गुण होने चाहिए जो राज्यसभा के सदस्य के लिए आवश्यक हैं, भले ही वह उस समय राज्यसभा का सदस्य न हो.
  4. लाभ का पद नहीं: उम्मीदवार को किसी भी ‘लाभ के पद’ (Office of Profit) पर नहीं होना चाहिए. हालाँकि, इस नियम के कुछ अपवाद हैं, जैसे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, किसी राज्य के राज्यपाल, या केंद्र/राज्य सरकार के मंत्री का Post पद लाभ का पद नहीं माना जाता है. यह प्रावधान यह सुनिश्चित करता है कि पद पर बैठे व्यक्ति के निर्णयों में कोई व्यक्तिगत वित्तीय हित शामिल न हों.

जगदीप धनखड़ का अचानक इस्तीफा: अटकलें और रिपोर्टें

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं. विपक्ष के नेताओं ने अपने-अपने हिसाब से इस अप्रत्याशित कदम के पीछे कई कारण बताए हैं. उदाहरण के लिए, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने दावा किया था कि सरकार का धनखड़ पर से भरोसा उठ गया था, और इसी वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

हालांकि, इस इस्तीफे के पीछे की वास्तविक वजहों को लेकर विभिन्न रिपोर्टें सामने आई हैं. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया था कि धनखड़ के इस्तीफे का संबंध केंद्र सरकार से आए एक फोन कॉल और मुख्य न्यायाधीश वर्मा के खिलाफ महाभियोग को लेकर हुई बहस से हो सकता है.

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि उनके इस्तीफे के पीछे कुछ आंतरिक राजनीतिक विचार-विमर्श हो सकता है, जिसकी पूरी तस्वीर अभी स्पष्ट नहीं है. यह घटनाक्रम भारत की राजनीतिक गतिशीलता में एक नया अध्याय जोड़ता है और आने वाले समय में इसके और पहलू सामने आ सकते हैं.

Post
उपराष्ट्रपति का चुनाव कौन करता है?

निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही तारीखों की घोषणा के साथ

उपराष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया का शुरू होना भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण घटना है. यह न केवल संवैधानिक प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करता है, बल्कि देश के दूसरे सर्वोच्च Post पद पर एक योग्य व्यक्ति के चयन का मार्ग भी प्रशस्त करता है. निर्वाचन आयोग द्वारा जल्द ही तारीखों की घोषणा के साथ, देश एक बार फिर इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का साक्षी बनेगा, जो भारत की संवैधानिक व्यवस्था की मज़बूती को दर्शाता है.

Related posts

Leave a Comment