नोएडा एयरपोर्ट: District Magistrate जिलाधिकारी की समीक्षा बैठक में सुरक्षा पर बड़ा फैसला
गौतम बुद्ध नगर, 3 सितंबर 2025 – गौतम बुद्ध नगर की District Magistrate जिलाधिकारी, मेधा रूपम, की अध्यक्षता में आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लिए गठित एयरपोर्ट पर्यावरण प्रबंधन समिति (AEMC) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एयरपोर्ट के आसपास के पर्यावरण और विमान संचालन से जुड़े खतरों का आकलन और समाधान करना था ताकि हवाई अड्डे की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, एयरपोर्ट की हेड (एयरसाइड ऑपरेशंस) यशदेव कटोच, अपर District Magistrate जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में पर्यावरणीय चुनौतियों पर केंद्रित थी, जिन्हें विमानों की सुरक्षित उड़ान के लिए नियंत्रित करना आवश्यक है।

मुख्य बिंदुओं पर निर्देश
बैठक के दौरान, लीड (एयरसाइड सर्विस एवं डब्ल्यू.एच.एम) विनीत सिकरवार ने एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से हवाई अड्डे के आसपास के पक्षियों और जानवरों की उपस्थिति से उत्पन्न होने वाले खतरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये जीव-जंतु विमानों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं, और इन्हें नियंत्रित करना बेहद जरूरी है।

इस पर, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए:
1. साफ-सफाई और स्वच्छता:
- एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- मृत पशुओं, कूड़े-कचरे को इस क्षेत्र में फेंकने या जमा होने से रोकने के लिए कहा गया, ताकि पक्षी या जानवर इनकी ओर आकर्षित न हों।
- पूरे क्षेत्र को जोन-वाइज चिन्हित करके सर्वेक्षण कराने का निर्देश दिया गया।

District Magistrate
2. नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग:
- District Magistrate जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि सभी संबंधित विभागीय अधिकारी AEMC सदस्यों के साथ मासिक निरीक्षण करें।
- इन निरीक्षणों की प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत करने को कहा गया, ताकि कार्यों की निगरानी की जा सके।
3. जल निकासी प्रणाली को सुदृढ़ करना:
- पथवाया ड्रेन सहित एयरपोर्ट क्षेत्र की सभी जल निकासी प्रणालियों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
- इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जलभराव की समस्या न हो, जो मच्छरों और अन्य जीवों को आकर्षित कर सकती है।
4. अवैध निर्माण पर कार्रवाई:
- हवाई अड्डे के आसपास बिना NOC के हो रहे अवैध निर्माणों की पहचान करके उन पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
- इन निर्माणों को तत्काल गिराने की कार्रवाई करने को कहा गया।
5. लेजर और ड्रोन गतिविधियों पर प्रतिबंध:
- एयरपोर्ट के निकट लेजर उत्सर्जन और ड्रोन गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
- District Magistrate जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में इन नियमों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार करने का भी निर्देश दिया।

District Magistrate
कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर जोर
District Magistrate जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अपने लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी विभाग अपनी अंडरटेकिंग/प्रमाण पत्र (Certification) जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं।
बैठक में यमुना प्राधिकरण, वन विभाग, सिंचाई विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और यह आश्वासन दिया कि दिए गए सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद, यह स्पष्ट है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा और पर्यावरणीय प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। इन उपायों से यह सुनिश्चित होगा कि यह एयरपोर्ट न केवल एक विश्वस्तरीय सुविधा बने, बल्कि यह अपने आसपास के पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखे।



