अयोध्या की Cleanliness स्वच्छता में लंबी छलांग: 28वें पायदान पर पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि
अयोध्या ने स्वच्छ भारत मिशन 2024-25 के सर्वेक्षण में देशभर में 28वीं रैंक हासिल कर स्वच्छता के पैमाने पर एक असाधारण छलांग लगाई है। यह शहर, जो 2023-24 में 100वें पायदान पर था, अब Cleanliness स्वच्छता में एक मिसाल बन कर उभरा है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त श्री जयेंद्र कुमार ने स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ी पूरी टीम की सराहना की है। यह सफलता अयोध्या नगर निगम के पिछले चार वर्षों से लगातार किए जा रहे प्रयासों और Cleanliness स्वच्छता में निरंतर सुधार का प्रत्यक्ष परिणाम है।

निरंतर सुधार की यात्रा
अयोध्या नगर निगम ने Cleanliness स्वच्छता रैंकिंग में अपनी स्थिति में लगातार सुधार किया है, जो एक सुनियोजित और समर्पित प्रयास को दर्शाता है।
- 2021 में: अयोध्या 158वें पायदान पर था।
- 2022 में: नगर निगम ने 53% अंक प्राप्त किए और 120वीं रैंक पर पहुंचा।
- 2023 में: अंकों में सुधार हुआ और अयोध्या ने 73% अंक हासिल कर 100वीं रैंक प्राप्त की।
- 2024-25 में: इस वर्ष, अयोध्या ने कुल 12500 पूर्णांकों में से 9291 अंक (लगभग 74%) प्राप्त किए और देश भर में 28वीं रैंक हासिल की।
यह सुधार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के दौरान हुआ, जब अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। इतनी बड़ी संख्या में आगंतुकों के बावजूद शहर ने अपनी Cleanliness स्वच्छता बनाए रखी और अपनी रैंकिंग में जबरदस्त सुधार किया, जो नगर निगम की टीम की प्रभावी प्रबंधन और समर्पण को दर्शाता है।
Cleanliness स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रमुख बिंदु
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल ने जानकारी दी कि मई माह में हुए सर्वेक्षण में 28 विभिन्न संकेतकों पर स्वच्छता की हकीकत को परखा गया था। इन संकेतकों में प्रमुख रूप से शामिल थे:
- डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और उसका निस्तारण: घर-घर से कूड़ा इकट्ठा करने और उसके उचित निपटान की प्रक्रिया की दक्षता।
- नगर में प्रतिदिन निकलने वाले कूड़े का प्रबंधन: दैनिक कचरा उत्पादन और उसके कुशल प्रबंधन की क्षमता।
- व्यावसायिक क्षेत्र की स्वच्छता: बाजारों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक स्थानों की सफाई का स्तर।
- फुटपाथ की स्वच्छता: सार्वजनिक फुटपाथों और रास्तों की सफाई व्यवस्था।
- पेयजल की स्वच्छता: सार्वजनिक पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता और स्वच्छता।
- शौचालय की स्वच्छता: सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रखरखाव का स्तर।
सर्वेक्षण दल ने इन सभी पहलुओं का बारीकी से मूल्यांकन किया और नागरिकों से सीधे बातचीत कर उनकी राय भी जानी, जिससे एक व्यापक और निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित हुआ।
सफलता के पीछे की टीम
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडे ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने में स्वच्छ भारत मिशन के प्रभारी सहायक नगर आयुक्त गुरु प्रसाद पांडेय और मंडल कार्यक्रम प्रबंधक वैभव पांडे की निगरानी में पूरी टीम ने अथक परिश्रम किया।
इस टीम में मुख्य सफाई निरीक्षक राजेश झा और कमल कुमार, Cleanliness स्वच्छ भारत मिशन के कोऑर्डिनेटर सूर्य प्रताप सिंह, जिओ स्टेट अनुराग मौर्य, ऋषि सिंह, सौरव यादव तथा अन्य कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। इन सभी के सामूहिक प्रयासों और समर्पण से ही यह बड़ी उपलब्धि हासिल हो पाई है।

भविष्य की ओर अग्रसर
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा, “लाखों श्रद्धालुओं के निरंतर आगमन के बावजूद नगर को Cleanliness स्वच्छ बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे अभियान में नगर निगम की टीम ने जो भूमिका निभाई है, वह काबिल-ए-तारीफ है। उम्मीद है कि अगले सर्वे में हम रैंकिंग में श्रेष्ठतम स्थान हासिल करेंगे।”
Cleanliness स्वच्छता रैंकिंग में 28वां स्थान हासिल होना अयोध्या नगर निगम के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े सभी कर्मचारियों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। नगर आयुक्त श्री जयेंद्र कुमार ने भी उम्मीद जताई कि निरंतर योजनाबद्ध ढंग से सफाई कर वे उच्च पायदान प्राप्त करेंगे।
अयोध्या की यह सफलता न केवल शहर के निवासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा है कि कैसे एक समर्पित और सुनियोजित दृष्टिकोण से स्वच्छता के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है।
अयोध्या ने दिखा दिया है कि धार्मिक महत्व के साथ-साथ एक स्वच्छ और सुंदर शहर की पहचान भी बनाई जा सकती है, जिससे न केवल निवासियों का जीवन स्तर सुधरता है, बल्कि पर्यटन और विकास को भी बढ़ावा मिलता है।

