61वां IHGF दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026: दूसरे दिन सोर्सिंग में तेजी, सस्टेनेबिलिटी और नए बाजारों पर फोक

IHGF

61वां IHGF दिल्ली मेला – स्प्रिंग 2026: दूसरे दिन सोर्सिंग में तेजी, सस्टेनेबिलिटी और नए बाजारों पर फोक

 

सग्रेटर नोएडा, 15 फरवरी 2026: हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) द्वारा आयोजित 61वें IHGF दिल्ली मेले – स्प्रिंग 2026 का दूसरा दिन भी जोरदार रहा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 14 से 18 फरवरी तक चल रहे इस मेले में सोर्सिंग की रफ्तार बनी हुई है, जिससे भारतीय हस्तशिल्प की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता एक बार फिर साबित हुई है। पुराने ग्राहकों के साथ-साथ पहली बार आने वाले अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की भारी भीड़ ने मेले को जीवंत बना रखा है।

 

मेले में 17 बड़े हॉलों में 16 विभिन्न उत्पाद श्रेणियों का प्रदर्शन हो रहा है, जहां 3000 से अधिक प्रदर्शक और 900 स्थायी शोरूम भारतीय शिल्पकला की विविधता और उत्कृष्टता को वैश्विक मंच पर पेश कर रहे हैं। EPCH के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने कहा, “यह मेला प्रेरणा और उत्साह का केंद्र बना हुआ है। खरीदार भारतीय आपूर्तिकर्ताओं की अनूठी कारीगरी, स्टाइलिश डिजाइनों और वैश्विक ट्रेंड्स के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता की सराहना कर रहे हैं। समकालीन सौंदर्य के साथ पारंपरिक बारीक कारीगरी का मिश्रण बेजोड़ है।

 

”EPCH के महानिदेशक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि मेला अनुभवी वैश्विक खरीदारों को भारत के निर्यातकों और नई पीढ़ी के उद्यमियों से जोड़ रहा है। प्रदर्शकों ने सस्टेनेबल उत्पादों जैसे कपास-जूट आधारित लाइफस्टाइल सामान, प्राकृतिक रंगों से हैंड-पेंटेड टेक्सटाइल, रिसाइकिल्ड कपड़े-कागज से बनी सजावट और पर्यावरण-अनुकूल फैशन आइटम्स का व्यापक संग्रह पेश किया है, जो खरीदारों की बढ़ती मांग के अनुरूप है।

 

दूसरे दिन कई महत्वपूर्ण सेमिनार आयोजित हुए, जिनमें उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी रही। ‘सस्टेनेबिलिटी – मोर देन अ ट्रेंड!’ पर जर्मनी के एक अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंट ने व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया कि सस्टेनेबिलिटी कैसे प्रतिस्पर्धी लाभ देती है और प्रीमियम बाजारों पर कब्जा करने में मदद करती है। ‘लेवरेजिंग इंडियाज रीसेंट फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स फॉर एन्हैंसिंग एक्सपोर्ट्स ग्रोथ’ सेमिनार में भारत-यूके CETA, भारत-ईयू FTA, भारत-यूएई CEPA जैसे समझौतों के फायदों और रणनीतियों पर चर्चा हुई। वहीं ‘मार्केट डाइवर्सिफिकेशन-एमर्जिंग डेस्टिनेशन एंड ट्रेंड ड्राइवर्स’ सेमिनार ने उभरते बाजारों, ट्रेंड्स और खरीदार व्यवहार पर प्रकाश डाला, ताकि MSME निर्यातक पारंपरिक बाजारों से आगे बढ़ सकें।

 

मेले में शाम को भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय के सहयोग से भारतीय मास्टर शिल्पों की विशेष लाइव आर्ट नीलामी हुई, जिसे शानदार प्रतिक्रिया मिली। कई वस्तुएं आरक्षित मूल्य से दोगुने से अधिक दाम पर बिकीं।

 

अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने भारतीय उत्पादों की तारीफ की। अमेरिका से वेंडी पैचेट ने लकड़ी और एनामेल उत्पादों की फिनिशिंग और रिसाइकिल्ड सामग्री के इस्तेमाल की प्रशंसा की, जबकि ब्रैडली ने घरेलू सज्जा, उद्यान उत्पादों और ग्लासवेयर की सोर्सिंग पर जोर दिया। फ्रांस से इसाबेल इसाम्बर्ट कस्टमाइज्ड फैशन ज्वेलरी में पीतल, सोने-चांदी की प्लेटिंग वाली भारतीय शिल्पकला से प्रेरित हो रही हैं। पोलैंड से टेरेसा सोएरेस यूरोप के लिए शिल्प वस्त्र और घरेलू सज्जा सामग्री सोर्स कर रही हैं।

 

EPCH के कार्यकारी निदेशक श्री राजेश रावत ने कहा कि मेला नवाचार और कलात्मक फ्यूजन का केंद्र है, जहां पारंपरिक और समकालीन का मिश्रण खूबसूरती से दिख रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन डॉलर) रहा, और यह मेला इसे और बढ़ावा दे रहा है।

मेला 18 फरवरी तक जारी रहेगा, जहां वैश्विक खरीदार भारतीय हस्तशिल्प की अनंत संभावनाओं का लाभ उठा रहे हैं।

 

हमारे दूसरे प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें…..

Related posts

Leave a Comment